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मोबाइल ऐप्स के पेड सब्सक्रिप्शन पर खूब पैसा उड़ा रहे हैं भारतीय, ये Apps कमाई के मामले में रहे आगे

अब मोबाइल यूजर्स ऐप्स के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन पर जमकर पैसा बहा रहे हैं ताकि अधिक फीचर्स मिल सकें। हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि इस रेवेन्यू में ज्यादातर हिस्सा विदेशी कंपनियों को जा रहा है।

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अब ज्यादातर मोबाइल यूजर्स ऐप्स का पेड सब्सक्रिप्शन ले रहे हैं। (फोटो क्रेडिट-Digit)

स्मार्टफोन आज के समय में हमारी बेसिक जरूरत बन चुका है। डेली रूटीन के कई सारे काम अब स्मार्टफोन के जरिए ही होते हैं। स्मार्टफोन में होने वाले सभी काम के लिए अलग-अलग ऐप की जरूरत पड़ती है। एंटरटेनमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग या फिर ऑनलाइन बैकिंग समेत हर एक काम ऐप के जरिए होते हैं। इस बीच मोबाइल ऐप्स को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय मोबाइल यूजर्स का पिछले कुछ समय में पेड ऐप्स पर इंट्रेस्ट काफी ज्यादा बढ़ा है। इसी वजह से भारतीय मोबाइल ऐप का मार्केट रिकॉर्ड रेवेन्यू जनरेट कर रहा है।

मोबाइल ऐप मार्केट को लेकर सामने आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में ही मोबाइल ऐप का खर्च 300 मिलियन डॉलर को पार कर गया। सालाना आधार पर कमाई पर बढ़ोतरी करीब 33 प्रतिशत रही। इसका मतलब यह है कि अब मोबाइल यूजर्स ऐप्स के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन पर जमकर पैसा बहा रहे हैं ताकि अधिक फीचर्स मिल सकें। हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि इस रेवेन्यू में ज्यादातर हिस्सा विदेशी कंपनियों को जा रहा है।

सेंसरटावर की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक पहली तिमाही में नॉन गेमिंग ऐप्स पर मोबाइल यूजर्स ने जमकर पैसा खर्च किया। ऐप्स कंपनियों को नॉन गेमिंग ऐप्स पर करीब 200 मिलियन डॉलर की कमाई हुई है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की पहली तिमाही से की जाए तो आमदनी करीब 44% ज्यादा रही।

कमाई के मामले में इन ऐप्स का रहा जलवा

अगर सबसे ज्यादा कमाई करने वाले ऐप्स की बात करें तो इसमें गूगल वन, फेसबुक, चैटजीपीटी, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, जियो हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, सोनी लिव, लिंक्डइन और क्रंचीरोल जैसे ऐप्स शामिल हैं। वहीं अगर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप्स के बारे में बात करें तो इस लिस्ट में इंस्टाग्राम, चैटजीपीटी, फ्रीरील्स, जियोहॉटस्टार, स्टोरीटीवी, कुकु टीवी, फ्लिपकार्ट, फेसबुक, फोनपे और मीशो ऐप शामिल हैं।

इस साल इतने रेवेन्यू की उम्मीद

सबसे पहले आपको बता दें कि भारत में इन ऐप परचेज साल 2021 में करीब 510 मिलियन डॉलर का था जो कि 2024 में बढ़कर 2 बिलियन डॉलर को पार कर गया था। लगातार स्मार्टफोन यूजर्स की बढ़ती संख्या और बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए उम्मीद लगाई जा सकती है कि यह आंकड़ा इस साल 1.25 बिलियन डॉलर को पार सकता है। अगर ऐप डाउनलोड नंबर की बात करें तो यह संख्या 25 बिलियन पर आकर स्टेबल हो गई है। हालांकि ऐप पर बिताए गए टाइमिंग में जरूर बढ़ोतरी हुई है।

इन ऐप परचेज में भारी बढ़ोरी के बावजूद भारत ग्लोबल मार्केट में काफी पीछे है। आपको बता दें कि भारत में प्रत्येत मोबाइल ऐप के डाउनलोड पर 0.03 डॉलर की कमाई होती है। साउथ ईस्ट एशिया और लैटिन अमेरिका की बात करें तो हर एक डाउनलोड पर 0.20 डॉलर तक की कमाई होती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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