Meta को इटली में एक बड़े कानूनी मामले में झटका लगा है। यूरोप की शीर्ष अदालत कोर्स ऑफ जस्टिस ऑफ द यूरोपियन यूनियन (CJEU) ने इटली के टेलीकॉम रेगुलेटर AGCOM के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को समाचार लेखों (न्यूज आर्टिकल) के हिस्सों यानी “न्यूज स्निपेट्स” के इस्तेमाल के बदले पब्लिशर्स को उचित मुआवजा देना होगा। यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और समाचार प्रकाशकों के बीच लंबे समय से चल रहे कॉपीराइट विवाद में अहम माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मामला तब शुरू हुआ जब Meta ने इटली की संचार नियामक संस्था AGCOM के उस अधिकार को चुनौती दी, जिसके तहत वह यह तय कर सकती है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को प्रेस लेखों के उपयोग के लिए कितना भुगतान करना चाहिए। Meta का कहना था कि यूरोपीय यूनियन के कॉपीराइट कानून पहले से ही प्रकाशकों को अधिकार देते हैं, इसलिए अलग राष्ट्रीय नियम लागू करना उचित नहीं है।
इसके बाद एक इटैलियन अदालत ने इस मुद्दे पर यूरोप की सर्वोच्च अदालत CJEU से कानूनी मार्गदर्शन मांगा। अब अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रकाशकों को “उचित मुआवजा” देने का अधिकार यूरोपीय कानून के अनुरूप है, बशर्ते यह भुगतान उनकी सामग्री के ऑनलाइन उपयोग की अनुमति के बदले दिया जाए।
AI और कॉपीराइट विवाद के बीच आया फैसला
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दुनियाभर में AI कंपनियों और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच कॉपीराइट विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। समाचार लेखों और लेखकों की सामग्री का AI ट्रेनिंग में उपयोग किए जाने को लेकर कई बड़ी टेक कंपनियों पर मुकदमे चल रहे हैं। इनमें OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आने वाले समय में AI मॉडल ट्रेनिंग और डिजिटल कंटेंट उपयोग से जुड़े नियमों को प्रभावित कर सकता है।
पत्रकारिता उद्योग ने फैसले का किया स्वागत
यूरोपियन पब्लिशर्स काउंसिल ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंजेला मिल्स वेड (Angela Mills Wade) ने कहा कि यह फैसला पत्रकारिता और समाचार इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक यह निर्णय बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ निष्पक्ष बातचीत का रास्ता खोलेगा, जो अब तक अपने प्रभुत्व का फायदा उठाकर सही तरीके से बातचीत करने से बचते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भरोसेमंद पत्रकारिता तैयार करने में भारी निवेश की जरूरत होती है और प्रकाशकों को उसका उचित आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी माना कि यह मुद्दा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समाज में मीडिया की स्वतंत्रता और विविधता से भी जुड़ा हुआ है।
Meta ने क्या कहा?
फैसले के बाद Meta के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अदालत के निर्णय की पूरी समीक्षा करेगी और मामला दोबारा इटली की अदालत में लौटने पर रचनात्मक तरीके से सहयोग करेगा, हालांकि कंपनी ने अभी आगे की कानूनी रणनीति का खुलासा नहीं किया है।
