दिग्गज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Meta की तरफ से हाल ही में घोषणा की है कि अब वह अपने यूजर्स की AI चैटबॉट से हुई बातचीत के डेटा का उपयोग करके उनके लिए विज्ञापन और कंटेंट दिखाएगा। कंपनी के मुताबिक यह नया फीचर दिसंबर से लागू किया जाएगा। कंपनी अपने करोड़ों यूजर्स को 7 अक्टूबर से इसके बारे में नोटिफिकेशन और ईमेल के माध्यम से जानकारी देगी। इससके साथ ही, Meta ने यह भी कहा कि यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार Ads Preferences और फीड कंट्रोल टूल्स के जरिए तय कर सकते हैं कि उन्हें किस तरह का विज्ञापन और कंटेंट दिखाई दे।
Meta की तरफ से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, थ्रेड्स और Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यह नई सुविधा लागू होगी। यूजर्स द्वारा AI के साथ की गई बातचीत के आधार पर, प्लेटफॉर्म में उनके लिए पोस्ट, रील्स और विज्ञापन पेश दिखाए जाएंगे। आसान शब्दों में सझाएं तो यदि कोई यूजर Meta AI के साथ ड्राइविंग को लेकर चर्चा करता है तो इंस्टाग्राम और फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसे ड्राइविंग से जुड़े पोस्ट, रील्स और विज्ञापन दिखाए जाएंगे।
इन जानकारियों का नहीं होगा इस्तेमाल
Meta ने स्पष्ट किया है कि आपकी धार्मिक आस्था, राजनीतिक विचार, स्वास्थ्य, जाति या नस्ल, और ट्रेड यूनियन जैसी संवेदनशील जानकारी का किसी भी तरह से विज्ञापन में उपयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या इस प्रकार के डेटा का पोस्ट और रील्स की सिफारिश में इस्तेमाल होगा या नहीं। इसके अलावा, Meta केवल उन्हीं खातों का डेटा उपयोग करेगी जो आपने Accounts Centre में लिंक किए हैं। यानी, यदि आपने अपना व्हाट्सऐप अकाउंट Accounts Centre में नहीं जोड़ा है, तो उस अकाउंट की AI बातचीत का डेटा विज्ञापन या कंटेंट की सिफारिश में बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
