Meta Quest 3: मेटा (पूर्व में फेसबुक) ने गेमिंग पर बड़ा दांव लगाना जारी रखा है। इस कड़ी में उसे अपने ऑगमेंटेड रियलिटी/वर्चुअल (एआर-वीआर) रियलिटी डिविजन पर लगभग 4 बिलियन डॉलर (करीब 33,361 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। गेम्स इंडस्ट्री डॉट बिज के अनुसार, कंपनी को अपने एआर/वीआर ड्रीम पर जून 2022 से प्रति माह 1 अरब डॉलर से ज्यादा की दर से नुकसान हो रहा है।
कंपनी को पॉजिटिव रिजल्ट की उम्मीद
मार्क जुकरबर्ग द्वारा संचालित कंपनी ने अपने नवीनतम तिमाही परिणामों में एआर/वीआर रियलिटी लैब्स डिवीजन में लगातार घाटा दिखाया है। लेकिन कंपनी का कहना है, "हमें उम्मीद है कि हमारे चल रहे प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए हमारे निवेश के चलते ऑपरेटिंग घाटा साल-दर-साल सार्थक रूप से बढ़ेगा।"
मेटा सीएफओ सुसान ली ने पहली तिमाही की अर्निंग कॉल पर कहा कि साल-दर-साल ऑपरेटिंग घाटे में वृद्धि हो रही है। मेटा की रियलिटी लैब्स ने 440 मिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया, लेकिन कुल मिलाकर 3.85 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
शुरुआती संकेत काफी पॉजिटिव- जुकरबर्ग
जुकरबर्ग ने कहा, ''यहां शुरुआती संकेत काफी पॉजिटिव हैं, लेकिन लीडिंग एआई का निर्माण भी हमारे ऐप्स में जोड़े गए अन्य अनुभवों की तुलना में एक बड़ा उपक्रम होगा और इसमें कई साल लगने की संभावना है।'' मेटा ने 2023 में एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) हेडसेट बाजार के 59 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया।
Meta Quest 3 की कीमत भी कम की
खास तौर से काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार, मेटा ने रणनीतिक रूप से पूरे साल अपने मौजूदा क्वेस्ट 2 की कीमत कम कर दी, जिससे यह बजट के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गया, खासकर छुट्टियों के मौसम के दौरान। इस रणनीति ने मेटा को 2023 की चौथी तिमाही में क्वेस्ट 3 के लॉन्च होने तक अपनी बढ़त बनाए रखने में मदद की।
इनपुट-IANS
