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भारत के दुश्मन को होगा भारी नुकसान! देश में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाना चाहती हैं जापान की कंपनियां

Semiconductor Units in India: डेलॉयट जापान के शिंगो कामया ने कहा कि जापान की कंपनियां भारत को लेकर ‘‘काफी उत्साहित’’ हैं। डेलॉयट इंडिया के अध्यक्ष (रणनीति, जोखिम एवं लेन-देन) रोहित बेरी ने कहा, ‘‘ प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता को देखते हुए सेमीकंडक्टर के ऐसे महत्वाकांक्षी तथा महत्वपूर्ण परिवेश को विकसित करने के लिए जापान से बेहतर कोई साझेदार नहीं है।’’

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Semiconductor (Image Source: iStock)

Semiconductor Units in India: जापान की कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करने को इच्छुक हैं और उनके पास घरेलू कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए सभी प्रकार की विशेषज्ञता भी है। वित्तीय परामर्श एवं लेखा परीक्षा सर्विस प्रोवाइडर डेलॉयट ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कुशल कार्यबल, धन तथा समर्थन देने वाले उपायों की निरंतरता महत्वपूर्ण है।

भारत को लेकर ‘‘काफी उत्साहित हैं कंपनियां

डेलॉयट जापान के शिंगो कामया ने कहा कि जापान की कंपनियां भारत को लेकर ‘‘काफी उत्साहित’’ हैं। जापान सेमीकंडक्टर परिवेश के संयुक्त विकास और अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को बनाए रखने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला अमेरिका के बाद दूसरा ‘क्वाड’ साझेदार है। जापान ने इस समझौते पर जुलाई में हस्ताक्षर किए थे।

‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान तथा अमेरिका का एक समूह हिस्सा हैं जो प्रशांत क्षेत्र के लिए अहम प्लेटफार्म है। डेलॉयट इंडिया के अध्यक्ष (रणनीति, जोखिम एवं लेन-देन) रोहित बेरी ने कहा, ‘‘ प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता को देखते हुए सेमीकंडक्टर के ऐसे महत्वाकांक्षी तथा महत्वपूर्ण परिवेश को विकसित करने के लिए जापान से बेहतर कोई साझेदार नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर की कहानी सिर्फ एक कारखाना लगाने की नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवेश की कहानी है। बेरी ने कहा, ‘‘ यह एक या दो वर्ष की बात नहीं है बल्कि इससे हमारी और जापान की आने वाली कई पीढ़ियों को फायदा होगा।’’

इनपुट- भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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