टेक एंड गैजेट्स

चाइनीज स्मार्टफोन पर फिदा हैं भारतीय, सबसे ज्यादा बिक रहे हैं इन कंपनियों के फोन

Chinese smartphone brands In India: सरकारी जांच के बावजूद शाओमी वीवो, ओप्पो, रियलमी, ट्रांसन और मोटो सहित चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की संचयी बाजार हिस्सेदारी मार्च तिमाही में 75% तक बढ़ गई है। इसी के लगभग करीब 77% हिस्सेदारी चीनी कंपनियों की 2020 की पहली तिमाही में भी थी।

Image

Chinese smartphone brands In India

Chinese smartphone brands In India: स्मार्टफोन के लिए चाइनीज कंपनियों पर भारतीयों का भरोसा एक बार फिर बढ़ने लगा है। चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों (Chinese smartphone brands) की बिक्री 2020 में गिरने के बाद एक बार फिर बढ़ रही है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार, जुलाई-सितंबर की अवधि में 61% के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों की संचयी बाजार हिस्सेदारी मार्च तिमाही में बढ़कर 75% हो गई।

इन चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स को पसंद कर रहे भारतीय

भारत में कई स्मार्टफोन ब्रांड्स हैं जिनमें प्रमुख रूप से शाओमी (Xiaomi), वीवो (Vivo), ओप्पो (OPPO), रियलमी (Realme), Transsion और मोटोरोला (Motorola) जैसी कंपनियां शामिल हैं। काउंटरप्वाइंट रिसर्च ने कहा कि कम मांग और इन्वेंट्री बाधाओं के कारण 2023 में कुछ धीमी तिमाहियों के बाद शाओमी और वीवो जैसे टॉप ब्रांड्स ने मार्केट में वापसी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोटोरोला और ट्रांसन जैसे छोटे ब्रांड्स ने भी मार्के में अपना विस्तार किया है।

75% मार्केट पर चीनी कंपनियों का कब्जा

सरकारी जांच के बावजूद शाओमी वीवो, ओप्पो, रियलमी, ट्रांसन और मोटो सहित चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की संचयी बाजार हिस्सेदारी मार्च तिमाही में 75% तक बढ़ गई है। इसी के लगभग करीब 77% हिस्सेदारी चीनी कंपनियों की 2020 की पहली तिमाही में भी थी। लेकिन इसके बाद चीन और भारत के बीच भू-राजनीतिक तनाव के कारण इसमें कमी आई थी। इसके बाद से विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा जांच की एक सीरीज शुरू हो गई थी और यहां तक कि चीनी ब्रांड्स के अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। चीनी कंपनियों पर अवैध तरीके से चीन पैसे भेजने का आरोप तक लगा था।

वैल्यू-फॉर-मनी सेगमेंट बन रहे चीनी स्मार्टफोन ब्रांड

CMR डेटा से पता चलता है कि चीनी स्मार्टफोन ब्रांड वैल्यू-फॉर-मनी सेगमेंट में स्थिर वॉल्यूम शेयर बनाए हुए हैं, जहां उनकी मार्केट हिस्सेदारी 70% से अधिक (Q1 CY24 में 73%) रही है। वहीं Q1 CY20 में 76% थी), भले ही 7,000 रुपये से कम के सेगमेंट में उनकी हिस्सेदारी Q1 CY24 में घटकर 5% हो गई, जो कि CY20 की पहली तिमाही में 22% थी। संचयी हिस्सेदारी अब प्रीमियम सेगमेंट (25,000-50,000 रुपये के बीच) में बढ़ रही है। यह Q1 CY20 में 2% से Q1 CY24 में 18% तक आ गई है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article