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भारत में स्मार्टवॉच से मोह हो रहा भंग, इसकी जगह ले रहा यह खास चश्मा

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के अनुसार, बिक्री में गिरावट के बावजूद, औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) में सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अप्रैल-जून तिमाही में 20.6 डॉलर से बढ़कर 21.7 डॉलर हो गया। ईयरवियर में, ट्रूली वायरलेस स्टीरियो (टीडब्ल्यूएस) सेगमेंट ने 71.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना दबदबा बनाए रखा।

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Samsung AI smart glasses/ TimesNow Hindi

India Smartwatch Market: 2022 और 2023 में जबरदस्त वृद्धि के बाद भारत में स्मार्टवॉच मार्केट अब कंसोलिडेट हो रहा है, जिसका मुख्य कारण एंट्री-लेवल सेगमेंट में सैचुरेशन है। इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के अनुसार, बिक्री में गिरावट के बावजूद, औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) में सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अप्रैल-जून तिमाही में 20.6 डॉलर से बढ़कर 21.7 डॉलर हो गया।

मेटा के नए लॉन्च के कारण, स्मार्ट ग्लासेस की शिपमेंट 2025 की दूसरी तिमाही में एक वर्ष पहले के 4,000 यूनिट से बढ़कर 50,000 यूनिट हो गई। एएसपी 134 डॉलर रहा, जो इस सेगमेंट की प्रीमियम स्थिति को दर्शाता है। स्मार्ट रिंग्स की शिपमेंट 2025 की पहली तिमाही में पहली बार आई गिरावट के बाद फिर से उछली है और 2025 की दूसरी तिमाही में 75,000 यूनिट्स की शिपमेंट के साथ 2.8 प्रतिशत की मामूली वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

आईएएनएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि अल्ट्राह्यूमन, गैबिट और आबो 65 प्रतिशत की सामूहिक हिस्सेदारी के साथ अपना दबदबा बनाए हुए हैं। अप्रैल-जून की अवधि में स्मार्ट रिस्टबैंड की शिपमेंट 118.5 प्रतिशत बढ़कर 83,000 यूनिट्स हो गई। दूसरी तिमाही में रिस्टबैंड कैटेगरी में सैमसंग की हिस्सेदारी 80.6 प्रतिशत रही।

ईयरवियर में, ट्रूली वायरलेस स्टीरियो (टीडब्ल्यूएस) सेगमेंट ने 71.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना दबदबा बनाए रखा। ओवर-द-ईयर सेगमेंट में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जहां शिपमेंट 97.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ 15 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। समग्र वियरेबल्स कैटेगरी में, बोट ने अग्रणी स्थिति बनाए रखी और अपनी बाजार हिस्सेदारी 26.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 28.0 प्रतिशत वार्षिक कर ली। 2025 की पहली छमाही में अनुमान से कम स्मार्टवॉच लॉन्च हुए।

आईडीसी इंडिया में स्मार्ट वियरेबल डिवाइसेस के मार्केट एनालिस्ट आनंद प्रिया सिंह ने कहा, "त्योहारों की दूसरी छमाही को देखते हुए, ब्रांड्स के मिड-प्रीमियम उत्पादों की ओर रुख करने की उम्मीद है, जो एडवांस हेल्थ सेंसर, एनएफसी सपोर्ट, प्रेडेक्टिव हेल्थ इनसाइट के लिए एआई-ड्रिवन फीचर और डिवाइस और इकोसिस्टम के साथ सहज इंटीग्रेशन पर केंद्रित होंगे।"

सिंह ने आगे कहा, "इसके अलावा, एग्रेसिव बंडल ऑफर के कारण, विशेष रूप से ऑफलाइन रिटेल चैनल में, व्हाइट-लेबल स्मार्टवॉच (कम कीमत वाली नकल) के फिर से गति पकड़ने की उम्मीद है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि इनोवेटिव यूज केस और न्यू प्रोडक्ट लॉन्च के कारण, उभरती हुई वियरेबल श्रेणियां उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय होने लगी हैं। आगामी तिमाहियों में, ईयरवियर सेगमेंट में एआई-ड्रिवन एन्हांसमेंट , जैसे पर्सनलाइज्ड वॉयस असिस्टेंस, पर्यावरण-जागरूक साउंड ट्यूनिंग और नेक्स्ट जनरेशन नॉइज कैंसलेशन शामिल होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, भारत का वियरेबल डिवाइस मार्केट 2025 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत घटकर 5.16 करोड़ यूनिट रह गया। बाजार में तिमाही आधार पर भी गिरावट दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत घटकर 2.67 करोड़ यूनिट रह गई।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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