टेक एंड गैजेट्स

​GST Reforms 2025: इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम पर 18% जीएसटी का टेक कंपनियों के CEO ने किया स्वागत, पढ़ें किसने क्या कहा?

GST REFORM 2025: आम आदमी से जुड़ी कई वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, रोटी, पराठा और जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। वहीं, सीमेंट, छोटी गाड़ियां, मोटरसाइकिल और टीवी, एसी जैसी वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाई गई हैं। इस सुधार से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि कारोबारियों के लिए भी जीएसटी की प्रक्रिया आसान होगी।

Image

CEO's Welcome New GST Rate/Photo-Canva

GST Reforms 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में बड़े सुधारों की घोषणा की है। इसके तहत अब जीएसटी ढांचे को सरल बनाते हुए चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) की जगह केवल दो स्लैब 5% और 18% रहेंगे। आम आदमी से जुड़ी कई वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, रोटी, पराठा और जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। वहीं, सीमेंट, छोटी गाड़ियां, मोटरसाइकिल और टीवी, एसी जैसी वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाई गई हैं। इस सुधार से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि कारोबारियों के लिए भी जीएसटी की प्रक्रिया आसान होगी। जीएसटी रिफॉर्म का सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट को होगा और इलेट्रॉनिक्स कंपनियों ने नई जीएसटी दरों का स्वागत भी किया है। नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। आइए जानते हैं कि नई जीएसटी दरों पर देश की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के सीईओ ने क्या कहा है?

अवनीत सिंह मरवाह, सीईओ, SPPL

हम स्मार्ट टीवी पर जीएसटी में कमी का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह न केवल उपभोक्ताओं के लिए तकनीक को और किफायती बनाएगा बल्कि घर-घर में डिजिटल समावेशन को भी बढ़ावा देगा। यह प्रगतिशील कदम मांग को बढ़ाएगा, नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की वृद्धि को मजबूत करेगा। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को लाभ देगा बल्कि पूरे स्मार्ट टीवी इकोसिस्टम की वैल्यू चेन निर्माताओं से लेकर रिटेलर्स तक को मजबूती प्रदान करेगा और भारत की अर्थव्यवस्था को गति देगा।

मनीष शर्मा, पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन

“एयर कंडीशनर और टेलीविजन पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% करना एक सराहनीय सुधार है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, खासकर त्योहारी सीजन की शुरुआत में। इस कटौती के बाद वे उत्पाद, जिन्हें पहले आकांक्षी माना जाता था, अब अधिक सुलभ होंगे और बड़ी संख्या में परिवार ऊर्जा-कुशल और कनेक्टेड उपकरणों को अपनाने में सक्षम होंगे। यह कदम, हाल ही में आयकर स्लैब में किए गए उस संशोधन के साथ, जिसमें 12 लाख रुपये तक वार्षिक आय वालों को छूट दी गई है, उपभोक्ताओं की बचत और मनोबल को बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होगा। ये सुधार मिलकर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को मज़बूत गति देंगे और शहरी तथा उभरते बाजारों में मांग को बढ़ाएँगे। पैनासोनिक में हमारा मानना है कि यह पहल आधुनिक उपकरणों की पैठ को तेज करेगी, उपभोक्ताओं के जीवन की गुणवत्ता सुधारेगी और भारत की व्यापक आर्थिक वृद्धि को बल प्रदान करेगी।”

राजीव सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, BenQ इंडिया

“हालिया जीएसटी सुधार इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए कर ढांचे को सरल और सुव्यवस्थित बनाने की निर्णायक पहल है। टैक्स स्लैब को दो स्पष्ट और अनुमानित दरों में समेटने से अनुपालन की जटिलताएं कम होंगी और अधिक पारदर्शी व्यापार माहौल बनेगा। यह सुधार निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं सभी को लाभान्वित करेगा, लागत घटेगी, प्रतिस्पर्धी कीमतें मिलेंगी और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मांग बढ़ेगी। साथ ही यह स्थानीय विनिर्माण और नवाचार को बढ़ावा देगा। खासतौर पर मॉनिटर और प्रोजेक्टर पर जीएसटी कटौती से व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए डिजिटल तकनीक को अपनाना और आसान होगा।”

रवि अग्रवाल, सह-संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर, Cellecor

“हम हालिया जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हैं, जो कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और एप्लायंसेज उद्योग में समान अवसर और विकास को बढ़ावा देंगे। टीवी, मॉनिटर, एयर कंडीशनर और डिशवॉशर जैसे उत्पादों पर दरों को 18% पर लाना बेहद सकारात्मक कदम है। इससे न केवल भारतीय परिवारों के लिए तकनीक किफायती होगी बल्कि ब्रांड्स और निर्माताओं के लिए अनुपालन और संचालन भी सरल होगा।

लिथियम-आयन बैटरी पर जीएसटी को 18% पर लाना भी अहम है, जिससे वायरलेस और स्मार्ट डिवाइस इकोसिस्टम की लागत घटेगी। एक तेजी से बढ़ते भारतीय ब्रांड के रूप में, यह हमें नवाचार और ऊर्जा-कुशल स्मार्ट प्रोडक्ट्स विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कुल मिलाकर, ये सुधार उपभोक्ता विश्वास और मांग दोनों को मजबूत करेंगे और डिजिटल तकनीक को शहरी व ग्रामीण दोनों बाजारों में तेजी से फैलाएंगे।”

आदित्य खेमका, मैनेजिंग डायरेक्टर, CP PLUS

हालिया जीएसटी संशोधन भारत की तकनीकी इकोसिस्टम के लिए प्रगतिशील कदम हैं। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, सिलिकॉन वेफर जैसे अहम कंपोनेंट्स और लॉजिस्टिक्स पर टैक्स घटाने से आधुनिक निगरानी अवसंरचना (सर्विलांस) की लागत कम होगी, जिससे उन्नत सुरक्षा समाधान व्यवसायों, हाउसिंग सोसाइटी और शहरी केंद्रों तक पहुंचेंगे। हालांकि आउटसोर्स जॉब वर्क पर ऊंचे जीएसटी की वजह से कुछ समायोजन जरूरी हो सकते हैं, लेकिन समग्र दिशा सुलभता और तेज अपनाने को बढ़ावा देती है। यह स्थानीय विनिर्माण और वैल्यू क्रिएशन को मजबूती देगा और आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि को आगे बढ़ाएगा।”

पंकज राणा, सीईओ, Hisense इंडिया

टीवी और एयर कंडीशनर पर सरकार द्वारा हालिया जीएसटी सुधार एक अहम समय पर आए हैं। इससे कीमतों की बाधा कम होगी और उभरते बाजारों व टियर-2 और टियर-3 शहरों के उपभोक्ताओं तक उच्च गुणवत्ता और ऊर्जा-कुशल उत्पाद आसानी से पहुंचेंगे। हिसेंस इंडिया का हमेशा से प्रयास रहा है कि भारतीय परिवारों को वैश्विक नवाचार किफायती दामों पर उपलब्ध कराया जाए। यह सुधार हमारे टीवी और घरेलू उपकरणों को त्योहारी सीजन से पहले और भी सुलभ बनाएगा। अंततः, यह कदम न केवल किफायत बढ़ाएगा बल्कि करोड़ों भारतीय परिवारों के जीवन स्तर को भी ऊंचा करेगा।”

रवि कुनवर, वीपी और सीईओ, HMD इंडिया एवं एपीएसी

“नवीनतम जीएसटी सुधार भारत की विविध उद्योगों के लिए रचनात्मक विकास लेकर आए हैं। काउंसिल द्वारा दरों को समेकित करने और पंजीकरण व रिफंड प्रक्रियाओं को सरल बनाने से व्यवसाय संचालन में व्यापक बदलाव होंगे। 5% और 18% के स्पष्ट स्लैब उपभोक्ताओं की बचत बढ़ाएँगे और त्योहारी सीजन से पहले सकारात्मक भावना पैदा करेंगे।

ये सुधार नियामक सरलता की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाते हैं। दूरसंचार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए इससे संचालन दक्षता, लागत पूर्वानुमान और स्थायी विकास को बल मिलेगा। एचएमडी के लिए यह भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ‘विकसित भारत@2047’ की दृष्टि को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।”

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेय author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

End of Article