AI Impact Summit 2026: डिजिटल दिग्गजों की मनमानी पर सरकार का 'हंटर'! Netflix से लेकर X तक को कड़ा संदेश
- Edited by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 17, 2026, 04:03 PM IST
AI Impact Summit 2026: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल दिग्गजों को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि चाहे नेटफ्लिक्स हो, मेटा हो या एक्स हो, सभी को देश के कानूनों का पालन करना होगा। उन्होंने डीपफेक की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ने पर कड़े नियमन की जरूरत पर प्रकाश डाला।
Government Issues Strict Warning to Digital Giants (Photo: iStock)
AI Impact Summit 2026: केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि ’डीपफेक’ की समस्या तेजी से बढ़ रही है और बच्चों व समाज की सुरक्षा के लिए इससे निपटने के वास्ते कहीं अधिक कड़े नियमों की जरूरत है। ’डीपफेक’, एआई से तैयार की गई ऐसी तस्वीरें व वीडियो होती हैं, जो नकली होने के बावजूद असली प्रतीत होती हैं।
सोशल मीडिया मंचों से बातचीत जारी
भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि सरकार मौजूदा प्रावधानों से आगे अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को लेकर उद्योग जगत से परामर्श शुरू कर चुकी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ’डीपफेक’ और उम्र आधारित प्रतिबंधों से निपटने को लेकर सोशल मीडिया मंचों से बातचीत जारी है, ताकि इस मुद्दे पर सबसे उपयुक्त तरीके से निपटा जा सके।
सभी देश के कानूनी ढांचे का रखें ख्याल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई भी कंपनी चाहे वह नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, मेटा या एक्स हो, सभी को देश के कानूनी ढांचे और संविधान का पालन करना होगा। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि ’डीपफेक’ की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए कड़े नियमन की जरूरत है।
डीपफेक पर अधिक कड़े होने चाहिए नियम
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि ’डीपफेक’ पर कहीं ज्यादा कड़े नियम चाहिए। यह समस्या रोजाना बढ़ती जा रही है। बच्चों और समाज को इनसे होने वाले नुकसान से बचाना बेहद जरूरी है… हमें पहले से मौजूद नियमों के अतिरिक्त नियमन चाहिए, इस पर उद्योग जगत के साथ बातचीत शुरू की जा चुकी है।" उन्होंने बताया कि संसदीय समिति ने भी इस विषय पर गहराई से गौर किया है।
समाज को खतरों से सुरक्षित रखने की जरूरत
’एआई इम्पैक्ट समिट’ से इतर संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमें ’डीपफेक’ पर बेहद कड़े नियम बनाने होंगे और संसद के भीतर इस पर व्यापक सहमति बनानी होगी, ताकि समाज को इन खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।" उन्होंने कहा कि इसके अलावा कई देशों ने उम्र आधारित प्रतिबंधों की आवश्यकता को स्वीकार किया है। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, "यह ऐसी बात है जिसे कई देशों ने माना है कि उम्र आधारित नियमन होना चाहिए। यह हमारे डेटा संरक्षण कानून का भी हिस्सा था… जब हमने छात्रों और युवाओं के लिए उपलब्ध सामग्री में उम्र के आधार पर अंतर तय किया था। उसी समय हमने यह दूरदर्शी कदम उठाया था।"
केंद्रीय मंत्री ने साथ ही कहा कि ’एआई इम्पैक्ट समिट’ में संप्रभु एआई मॉडल उपलब्ध करवाए गए हैं और सरकार इन्हें व्यापक रूप से सभी के लिए उपलब्ध कराने को एक विशाल अवसंरचना तैयार करने की योजना बना रही है।
भारत की क्षमता एक नए स्तर पर होगी
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि संप्रभु मॉडल वैश्विक स्तर के बड़े एआई मॉडल के सभी मानकों पर खरे उतरे हैं।
उन्होंने कहा, "यहां संप्रभु मॉडल पेश किए गए हैं। आप जाकर देख सकते हैं कि वैश्विक मानकों पर वे कैसे खरे उतरते हैं। आने वाले समय में, एआई मिशन 2.0 के लिए संप्रभु मॉडल के लिए एक विशाल बुनियादी ढांचा तैयार करने की आवश्यकता होगी। इससे भारत की क्षमता एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी।’’
केंद्रीय मंत्री ने साथ ही कहा कि निवेशक भी भारत को लेकर आशावादी हैं और उन्होंने 20,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश को अंतिम रूप दे दिया है जो अगले एक से दो वर्ष में किया जाएगा।
