टेक एंड गैजेट्स

इन भारतीय हैकर्स ने ढूंढा सिर्फ एक बग और Google ने उन्हें अदा किए 18 लाख रुपये

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jan 23, 2023, 06:19 PM IST

दुनिया के सबसे बड़ टेक जायंट Google ने भारत के दो हैकर्स को 18 लाख रुपये रकम अदा की है. Google के Cloud Plaatform पर सर्फिंग के दौरान इन्होंने बहुत संवेदनशील बग ढूंढ निकाला जिसके बाद गूगल ने उन्हें ये रकम दी है.

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इस बार गूगल के क्लाउड प्रोग्राम प्रोजेक्ट में सिक्योंरिटी बग ढूंढने के लिए भारतीय हैकर्स को ये राशि दी गई है.

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • गूगल ने हैकर्स को दिए 18 लाख
  • दो भारतीय हैकर्स ने ढूंढा 1 बग
  • गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म पर बग

Google Pays Indian Hackers: टेक्नोलॉजी जायंट गूगल ने हाल में दो भारतीय हैकर्स को 22,000 डॉलर का भुगतान किया है जो भारतीय मुद्रा में करीब 18 लाख रुपये होता है. इतनी बड़ी रकम इन दोनों को गूगल का सिर्फ एक बग ठीक करने के लिए दी गई है. बता दें कि कई टेक कंपनियां अपने सिस्टम और प्रोग्राम में आसानी से खामी निकालने वाले लोगों को बड़ी रकम देती रहती हैं. इस बार गूगल के क्लाउड प्रोग्राम प्रोजेक्ट में सिक्योंरिटी बग ढूंढने के लिए भारतीय हैकर्स को ये राशि दी गई है.

किन्हें मिला ये बंपर रिवॉर्ड

श्रीराम केएल और शिवनेश अशोक भारतीय हैकर्स हैं जिन्होंने गूगल साफ्टवेयर, खासतौर पर गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म में एक बग को लेकर एक ब्लॉग लिखा था. इस ब्लॉग में इन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये दोनों इस प्लेटफॉर्म पर नए थे और इसे एक्सप्लोर करते समय एसएसएच-इन-ब्राउजर्स नाम के एक फीचर में उन्होंने समस्या खोज निकाली. दिखने में ये इंटरफेस बहुत कुछ क्लाउड शेल जैसा है, इस बग में आसानी से कोई भी शख्स दूसरे व्यक्ति का इस्तेमाल कर सकता है.

कैसे ठीक किया गया बग

अमेरिका के इस टेक जायंट ने अलग से सिक्योरिटी फीचर देकर इस समस्या को हल किया है जिसका नाम क्रॉस-साइट रिक्वेस्ट फॉर्जरी है. ये एक बहुत गंभीर समस्या बनी हुई थी जो लोगों के पर्सनल डेटा पर सेंध लगाने के लिए काफी था. इसमें बिना किसी जद्दोजहद के सामने वाले के सिस्टम को ऑपरेट किया जा सकता था और इसके जरिए सारा डेटा चुराने के अलावा कई ऐसे काम किए जा सकते हैं जिससे सामने वाला शख्स बड़ी मुसीबत में आ सकता था.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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