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भारत में ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए Google का नया AI सुरक्षा प्लान लॉन्च, मिलेगी रियल टाइम सिक्योरिटी

गूगल ने कहा कि Digikavach प्रोग्राम के तहत अब तक 17.7 करोड़ से अधिक भारतीयों तक AI-आधारित सुरक्षा और जागरूकता पहुंचाई है। गूगल प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) ने अक्टूबर 2024 से अब तक 6 करोड़ खतरनाक ऐप इंस्टॉलेशन को रोका है।

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गूगल ने बताया कि यह चार्टर तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है

Google Safety Charter: भारत की डिजिटल क्रांति को और सुरक्षित बनाने के लिए गूगल ने दिल्ली में आयोजित "Safer with Google India Summit" में Safety Charter को लॉन्च किया। यह चार्टर देश की AI-प्रेरित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुरक्षित, जिम्मेदार और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। गूगल ने बताया कि यह चार्टर तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है-ऑनलाइन फ्रॉड से यूजर्स की सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, और जिम्मेदार तरीके से AI का विकास करना।

Digikavach और AI पावर्ड प्रोटेक्शन से करोड़ों भारतीयों को मिली सुरक्षा

गूगल ने कहा कि Digikavach प्रोग्राम के तहत अब तक 17.7 करोड़ से अधिक भारतीयों तक AI-आधारित सुरक्षा और जागरूकता पहुंचाई है। गूगल प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) ने अक्टूबर 2024 से अब तक 6 करोड़ खतरनाक ऐप इंस्टॉलेशन को रोका है। गूगल प्ले ने 4.1 करोड़ धोखाधड़ी लेनदेन अलर्ट जारी किए हैं, जिससे ₹13,000 करोड़ की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी रोकी गई।

कंपनी ने कहा कि गूगल मैसेज हर महीने 500 मिलियन से अधिक स्कैम मैसेज ब्लॉक कर रहा है, जबकि Gmail 2.5 अरब इनबॉक्स को 99.9% स्पैम, फिशिंग और मैलवेयर से सुरक्षित रखता है। वहीं, Search में स्कैम पेज पहचान 20 गुना तेज हुई है और सरकारी व ग्राहक सेवा साइट्स पर इम्पर्सोनेशन अटैक में 70-80% की गिरावट आई है।

AI और साइबर सिक्योरिटी में भारत के साथ ग्लोबल सहयोग

गूगल ने IIT मद्रास के साथ Post-Quantum Cryptography पर सहयोग की घोषणा की है, जिससे भविष्य की सुरक्षित और प्राइवेसी-फर्स्ट डिजिटल तकनीक तैयार की जा सकेगी। साथ ही Google.org ने Asia Foundation को 20 मिलियन डॉलर की सहायता दी है, जिससे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में 10 से अधिक नए साइबर क्लिनिक खोले जाएंगे।

AI से मिलेगी सुरक्षा की नई ताकत

DeepMind और गूगल की Project Zero टीम ने पहली बार AI का इस्तेमाल कर SQLite जैसे पॉपुलर सॉफ़्टवेयर में अनजान खामियां खोजी हैं, जो सुरक्षा में AI की असाधारण क्षमता को दर्शाता है। गूगल अब इन खतरों को पहले पहचान कर समाधान दे पा रहा है-इससे सुरक्षा और डिफेंस की दुनिया में बड़ा बदलाव आ रहा है।

AI को जिम्मेदारी से विकसित करने की पहल

गूगल अपने AI सिस्टम को जिम्मेदार प्रिंसिपल्स के साथ विकसित कर रहा है, जहां हर स्तर पर जोखिम मूल्यांकन और समाधान की प्रक्रिया अपनाई जाती है। SynthID की मदद से अब तक 10 अरब से अधिक AI-जनित कंटेंट को डिजिटल वॉटरमार्क मिल चुका है, जो फेक कंटेंट से बचाव में सहायक है। IndicGenBench और Gemini Language Testing के जरिए गूगल 29 भारतीय भाषाओं में AI को सटीक और समावेशी बना रहा है।

साझेदारी से होगी सामूहिक साइबर सुरक्षा

गूगल ने भारतीय एजेंसियों जैसे DOT, गृह मंत्रालय और SEBI के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा की दिशा में इंटेलिजेंस साझा करने और धोखाधड़ी रिपोर्टिंग को तेज करने के लिए साझा पहल की है। गूगल का मानना है कि भारत की डिजिटल प्रगति को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए साझेदारी जरूरी है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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