टेक एंड गैजेट्स

सोने का आयात अप्रैल-जुलाई में 4.23 प्रतिशत घटकर 12.64 अरब डॉलर रहा

Gold Imports: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल के बीच 14 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 300 रुपये बढ़कर 73,150 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। स्विटजरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है।

Image

Gold Imports (Image Source: iStock)

Gold Imports: भारत का सोने का आयात वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में अप्रैल-जुलाई के दौरान 4.23 प्रतिशत घटकर 12.64 अरब डॉलर रह गया है। सोना आयात का देश के चालू खाता घाटे (सीएडी) पर असर पड़ता है। पिछले साल समान अवधि में यह 13.2 अरब डॉलर था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अकेले जुलाई में आयात 10.65 प्रतिशत घटकर 3.13 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.5 अरब डॉलर था। जून (-38.66 प्रतिशत) और मई (-9.76 प्रतिशत) के दौरान भी आयात घटा है। हालांकि, अप्रैल में आयात बढ़कर 3.11 अरब डॉलर हो गया, जो अप्रैल, 2023 में एक अरब डॉलर था।

ज्यादा कीमतें आयात में कमी का कारण

एक आभूषण कारोबारी के अनुसार, ऊंची कीमतें आयात को हतोत्साहित कर रही हैं, लेकिन सितंबर से इसमें तेजी आएगी क्योंकि भारत में त्योहारी सत्र शुरू हो जाएगा और आयात शुल्क में कटौती का लाभ भी मिलेगा। सरकार ने सोने और चांदी पर सीमा शुल्क 15 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है।

राजधानी में सोने की कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल के बीच 14 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 300 रुपये बढ़कर 73,150 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का सोने का आयात 30 फीसदी बढ़कर 45.54 अरब डॉलर हो गया।

स्विटजरलैंड से 40 प्रतिशत सोना खरीदता है भारत

स्विटजरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है, इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। देश के कुल आयात में कीमती धातु का हिस्सा पांच प्रतिशत से अधिक है।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article