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टेक सेक्टर में नहीं थम रहा छंटनी का दौर, अब फिनटेक स्टार्टअप सिंपल ने 30 कर्मचारियों को निकाला

Simpl Layoffs: पिछले साल कंपनी ने 120-150 कर्मचारियों की छंटनी की थी। वित्त वर्ष 2022-23 में सिंपल का घाटा 147 प्रतिशत बढ़कर 356.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि परिचालन राजस्व 176 फीसदी बढ़कर 87.3 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2016 में स्थापित सिंपल के प्लेटफॉर्म पर जोमैटो, मेकमाईट्रिप, बिग बास्केट, 1एमजी और क्रॉक्स जैसे 26 हजार मर्चेंट हैं।

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Simpl Layoffs

Simpl Layoffs: फिनटेक स्टार्टअप सिंपल ने छंटनी के एक और दौर के तहत गुरुवार को विभिन्न विभागों के 30 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि छंटनी का उद्देश्य "पूरे संगठन को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना और 2025 के मध्य तक मुनाफा कमाने की स्थिति में आना" है।

कंपनी ने बताया छंटनी का कारण

सिंपल के संचार विभाग के प्रमुख आशीष कुलश्रेष्ठ ने आईएएनएस को एक बयान में बताया, "एक संगठन के रूप में हम दक्षता बढ़ाने और सतत विकास के लिए ज्यादा लीन संगठन तैयार करने के लिए नियमित तौर पर अपने कारोबार की समीक्षा करते हैं।" उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में "हमने अपने कारोबार का कई गुना विस्तार किया है और इस विकास को आगे भी जारी रखने के लिए हम अपनी परिचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए कई तरह के उपाय कर रहे हैं"।

पिछले महीने 100 कर्मचारियों को निकाला

जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उन्हें दो महीने के नोटिस पीरियड के बदले वेतन और कंपनी को दी गई सेवा के हर साल के लिए 15 दिन का वेतन दिया जाएगा। फिनटेक कंपनी ने पिछले महीने भी 100 कर्मचारियों को निकाला था। पिछले साल कंपनी ने 120-150 कर्मचारियों की छंटनी की थी।

सिंपल का घाटा 147 प्रतिशत बढ़ा

वित्त वर्ष 2022-23 में सिंपल का घाटा 147 प्रतिशत बढ़कर 356.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि परिचालन राजस्व 176 फीसदी बढ़कर 87.3 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2016 में स्थापित सिंपल के प्लेटफॉर्म पर जोमैटो, मेकमाईट्रिप, बिग बास्केट, 1एमजी और क्रॉक्स जैसे 26 हजार मर्चेंट हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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