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एलन मस्क ने सत्या नडेला को दी चेतावनी, कहा- माइक्रोसॉफ्ट को खा जाएगा OpenAI

Elon Musk on GPT-5- एलन मस्क ने कहा है कि सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाली कंपनी “माइक्रोसॉफ्ट को खत्म कर देगी। यह ओपनएआई का अब तक का सबसे सक्षम मॉडल है, जो रीजनिंग, कोडिंग और चैट में शानदार तरीके से काम करता है और इसकी ट्रेनिंग Azure पर हुई है जो कि माइक्रोसॉफ्ट का ही प्रोडक्ट है।

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elon musk and satya nadela/Pic- TNN

ओपनएआई ने हाल ही में GPT-5 को लॉन्च किया है जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह अब तक का सबसे एडवांस एआई टूल है। GPT-5 की लॉन्चिंग के साथ ही टेस्ला के सीईओ और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के मालिक एलन मस्क ने सत्या नडेला को बड़ी चेतावनी दी है। एलन मस्क ने कहा है कि सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाली कंपनी “माइक्रोसॉफ्ट को खत्म कर देगी।” यह बयान उस समय आया जब GPT-5 सभी चैटजीपीटी यूज़र्स और माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों में मुफ्त उपलब्ध करा दिया गया है।

माइक्रोसॉफ्ट के सभी प्रोडक्ट के साथ GPT-5 का सपोर्ट

नडेला ने घोषणा की कि “GPT-5 हमारे सभी प्लेटफॉर्म्स Microsoft 365 Copilot, Copilot, GitHub Copilot और Azure AI Foundry पर लॉन्च हो गया है। यह ओपनएआई का अब तक का सबसे सक्षम मॉडल है, जो रीजनिंग, कोडिंग और चैट में शानदार तरीके से काम करता है और इसकी ट्रेनिंग Azure पर हुई है जो कि माइक्रोसॉफ्ट का ही प्रोडक्ट है।”

उन्होंने GPT-4 के बिंग में लॉन्च से अब तक के बदलाव को “अविश्वसनीय” बताते हुए कहा- तरक्की की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और मैं देखना चाहता हूं कि डेवलपर्स, एंटरप्राइजेज और उपभोक्ता इस नये ब्रेकथ्रू से क्या करते हैं।”

मस्क, जो प्रतिद्वंदी ग्रोक एआई के समर्थक हैं, ने तंज कसते हुए कहा, “ग्रोक 4 हेवी अब भी सबसे शक्तिशाली एआई है।” एलन मस्क द्वारा माइक्रोसॉफ्ट को खत्म कर देगा” वाली टिप्पणी पर नडेला ने बेपरवाही से जवाब दिया। उन्होंने कहा- “लोग 50 साल से कोशिश कर रहे हैं और यही तो मजा है! हर दिन कुछ नया सीखते हैं, नवाचार करते हैं, साझेदारी करते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं। ग्रोक 4 को Azure पर और ग्रोक 5 का इंतजार है!”

तकनीकी प्रतिद्वंद्विता से आगे, डेवलपर्स ने GPT-5 का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। Cursor AI, जो Visual Studio Code पर आधारित एक एडिटर है, ने GPT-5 का पूरा इंटीग्रेशन किया है और इसे “हमारी टीम द्वारा परीक्षण किया गया सबसे बुद्धिमान कोडिंग मॉडल” बताया, जिसे “फिलहाल मुफ्त” रखा गया है।

खुद ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि GPT-5 ने उन्हें “बेकार” महसूस करा दिया, जब इसने आसानी से एक मुश्किल ईमेल समस्या सुलझा दी, जिस पर वह लंबे समय से अटके थे। एक पॉडकास्ट में उन्होंने इसे “अजीब एहसास” बताया और कहा कि मॉडल की गति और सटीकता देखना “डरावना” था। उन्होंने इसे मैनहटन प्रोजेक्ट से तुलना करते हुए चेतावनी दी कि यह तकनीक “स्थायी असर” डाल सकती है,हालांकि विनाशकारी अर्थों में नहीं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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