Elon Musk TruthGPT AI: अरबपति एलन मस्क ने माइक्रोसॉफ्ट के ChatGPT और गूगल के बार्ड (Bard) जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे, जिसका नाम वह "TruthGPT" रखेंगे। ये जानकारी मस्क ने फॉक्स न्यूज चैनल के टकर कार्लसन के साथ सोमवार को प्रसारित एक इंटरव्यू में बताई। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ओपनएआई की आलोचना की और कहा चैटबॉट सनसनी चैटजीपीटी के पीछे फर्म, "एआई को झूठ बोलने का प्रशिक्षण" दिया है। उन्होंने Google के सह-संस्थापक लैरी पेज पर AI सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेने का भी आरोप लगाया।
हाल ही में GPT-4 को समाज के लिए बताया था खतरा
मस्क के इस प्लान का खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब कुछ हफ्ते पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञों और उद्योग के अधिकारियों के एक समूह ने हाल ही में OpenAI के GPT-4 को समाज के लिए खतरा बताया था। और इसके तुलना में अधिक पावरफुल सिस्टम बनाने के लिए 6 महीने की रोक लगाने को कहा था। समाचार साइट बिजनेस इनसाइडर ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया कि मस्क ने कथित तौर पर हजारों ग्राफिक प्रोसेसर यूनिट्स हासिल की हैं, जो एआई और हाई-एंड ग्राफिक्स जैसे कामों के लिए हाई पावर वाली कंप्यूटिंग को शक्ति प्रदान करती हैं।
गुपचुप तरीके से चल रहा काम
इंडिपेंडेंट में हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मस्क गुपचुप तरीके से ट्विटर पर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति ने प्रमुख एआई रिसर्च फर्म डीपमाइंड ( DeepMind) के दो रिसर्च को पहले ही हायर कर लिया है और 10,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) में भी निवेश किया है। आउटलेट के अनुसार, इसके जरीए बड़े भाषा मॉडल को बनाने पर काम किया जा रहा है। जिसमें एक अन्य जनरेटिव एआई सिस्टम ओपनएआई के चैटजीपीटी में उपयोग किया जाता है।
