टेक जायंट गूगल ने Android Earthquake Alerts System को साल 2021 में शुरू किया था। (फोटो क्रेडिट-iStock)
भूकंप आना एक प्राक्रतिक आपदा है जिसे चाहकर भी रोका नहीं जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में अक्सर भूकंप आऩे की घटना सामने आती रहती है। अगर भूकंप की तीव्रता अधिक हो तो इससे काफी जान माल की हानी होती है। ऐसे में कितना अच्छा हो अगर हमें भूकंप आने की पहले से ही सूचना मिल जाए। इस एक अलर्ट से लोगों की जान बचाई जा सकती है। आपको बता दें कि स्मार्टफोन में एक ऐसी सेटिंग मिलती है जो आपको भूकंप आने से पहले ही इसकी सूचना दे देता है। आइए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
आजकल के स्मार्टफोन्स काफी ज्यादा एडवांस हो चुके हैं. अब फोन में एक ऐसा फीचर भी मिलता है जिससे आप भूकंप का अलर्ट पाकर समय रहते सेफ स्थान पर जा सकते हैं। हालांकि आपको इसके लिए अपने फोन में भूकंप वाले Android Earthquake Alerts System को ऑन करके रखना होगा। यह फीचर अब त दुनियाभर में करीब 2000 से ज्यादा बार भूकंप आने की पहचान कर सका है और करीब 790 मिलियन अलर्ट भेज चुका है।
टेक जायंट गूगल ने Android Earthquake Alerts System को साल 2021 में शुरू किया था। इस फीचर को गूगल ने अमेरिका के सभी 50 राज्यों और 6 क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया है। गूगल के अलावा साउथ कोरियन टेक जायंट सैमसंग भी अपना भूकंप अलर्ट सिस्टम ला चुका है। सैमसंग ने इसी साल जून में इसे पेश किया था। सैमसंग ने One UI 8 अपडेट के साथ नए S, A और Z सीरीज डिवाइस में इसे रोलआउट भी कर दिया है।
जब हमारा Android स्मार्टफोन भूकंप की शुरुआती P-वेव को महसूस करता है, तो वह तुरंत गूगल के सर्वर को समय और अपनी लोकेशन की जानकारी भेज देता है। इसके बाद गूगल हज़ारों फोनों से मिले डेटा को एक साथ मिलाकर यह तय करता है कि वाकई भूकंप आया है या नहीं। पुष्टि होने पर गूगल अंदाज़ा लगाता है कि कौन-कौन से इलाके खतरे में हो सकते हैं, और फिर उसी हिसाब से लोगों को अलर्ट भेजता है। अगर भूकंप की तीव्रता 4.5 या इससे अधिक है तो स्मार्टफोन में दो तरह की चेतावनी दिखाई जाती है।