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DeepSeek पर इन देशों ने लगाया बैन, क्या भारत में कर सकते हैं इस्तेमाल, जानें तरीका

DeepSeek Ban: डीपसीक ने हाल ही में अपना नया R1 मॉडल लॉन्च किया है, जो OpenAI जैसे अमेरिकी मॉडलों को टक्कर दे रहा है। यह ओपन-सोर्स है, यानी इसे कोई भी एआई डेवलपर इस्तेमाल कर सकता है। इसकी क्षमताओं की तारीफ करते हुए इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने इसे एक क्रांतिकारी एआई मॉडल बताया है।

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DeepSeek ban

DeepSeek Ban: चाइनीज एआई DeepSeek लॉन्च होते ही मुश्किलों का सामना कर रहा है। एआई टूल को लॉन्च के एक हफ्ते बाद ही कुछ देशों में ब्लॉक कर दिया गया है। अमेरिकी नौसेना ने ‘सुरक्षा और नैतिक चिंताओं’ के कारण डीपसीक के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। वहीं Deepseek पर बैन लगाने के मामले में इटली और आयरलैंड पहले देश बन गए हैं। दोनों देशों की रेगुलेटरी एआई चैटबॉट की डेटा पॉलिसी की जांच कर रही हैं।

डीपसीक की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता

डीपसीक ने हाल ही में अपना नया R1 मॉडल लॉन्च किया है, जो OpenAI जैसे अमेरिकी मॉडलों को टक्कर दे रहा है। यह ओपन-सोर्स है, यानी इसे कोई भी एआई डेवलपर इस्तेमाल कर सकता है। इसकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि यह Apple App Store पर टॉप पर पहुंच गया, ChatGPT को पीछे छोड़ते हुए। इसकी क्षमताओं की तारीफ करते हुए इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने इसे एक क्रांतिकारी एआई मॉडल बताया है।

DeepSeek से घबराया अमेरिका

यू.एस. नेवी ने अपने सदस्यों को चीन की एआई टेक्नोलॉजी, डीपसीक के उपयोग से बचने का निर्देश दिया है। सीएनबीसी को मिली जानकारी के अनुसार, नेवी ने "शिपमेट्स" को एक ईमेल भेजकर चेतावनी दी कि डीपसीक का उपयोग "किसी भी क्षमता" में न किया जाए, क्योंकि इसके मूल और उपयोग से जुड़े संभावित सुरक्षा और नैतिक जोखिम हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने DeepSeek को लेकर अमेरिकी टेक कंपनियों को चेताया और इसे वेक अप कॉल बताया।

इन देशों में बैन हुआ DeepSeek

रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी एआई ऐप डीपसीक को बुधवार को इटली में एप्पल और गूगल ऐप स्टोर्स से हटाया गया है। बता दें कि एक दिन पहले देश के डेटा संरक्षण प्राधिकरण ने व्यक्तिगत डेटा के उपयोग के बारे में जानकारी मांगी थी। इटली के अलावा आयरलैंड में भी DeepSeek को ब्लॉक किया गया है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां इसकी डेटा पॉलिसीज की जांच कर रही हैं।

क्या भारत में कर सकते हैं इस्तेमाल?

जी हां! फिलहाल DeepSeek को भारत में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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