टेक एंड गैजेट्स

Cyber Crime: साइबर स्कैम पर बड़ा प्रहार, सरकार ने 3,718 ऐप्स किए ब्लॉक, 11,158 करोड़ रुपये बचाए

गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर SMS, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया, स्कूल और रेलवे स्टेशन समेत कई माध्यमों से जागरूकता अभियान भी चला रही है।

Image

30 लाख से ज्यादा संदिग्ध पहचान की जानकारी

देश में बढ़ते साइबर अपराध और मोबाइल ऐप्स के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। गृह मंत्रालय ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के जरिए अब तक 3,718 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया जा चुका है। इनमें फर्जी और धोखाधड़ी वाले लोन ऐप्स भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीक के साथ-साथ शिकायत और कार्रवाई की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है।

I4C के जरिए साइबर अपराध पर नजर

गृह मंत्रालय ने देश में सभी तरह के साइबर अपराध से समन्वित तरीके से निपटने के लिए Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की स्थापना की है। इसके तहत National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) भी शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए लोग साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

3,718 संदिग्ध मोबाइल ऐप्स किए गए ब्लॉक

सरकार के अनुसार, 30 जून 2026 तक I4C ने 3,718 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया है। इनमें धोखाधड़ी वाले लोन ऐप्स भी शामिल हैं। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। सरकार ने अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली ऑनलाइन जानकारी और सेवाओं को हटाने के लिए 'सहयोग' पोर्टल भी शुरू किया है।

32.80 लाख शिकायतों में बचाए 11,158 करोड़ रुपये

वित्तीय साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत करने और ठगी की रकम को अपराधियों तक पहुंचने से रोकने के लिए I4C ने Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System (CFCFRMS) शुरू किया है। सरकार के मुताबिक, 30 जून 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 32.80 लाख से अधिक शिकायतों में 11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बचाई गई है।

30 लाख से ज्यादा संदिग्ध पहचान की जानकारी

I4C ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर साइबर अपराधियों से जुड़े संदिग्ध पहचानकर्ताओं की Suspect Registry भी शुरू की है। 30 जून 2026 तक बैंकों से 30.48 लाख से ज्यादा संदिग्ध पहचान संबंधी डेटा मिला। इसके अलावा 32.08 लाख Layer-1 म्यूल अकाउंट की जानकारी साझा की गई और 25,698 करोड़ रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोका गया।

लाखों SIM और IMEI भी किए गए ब्लॉक

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 15.75 लाख से ज्यादा SIM कार्ड और 5.77 लाख IMEI नंबर भी ब्लॉक किए हैं। इसका उद्देश्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर और डिवाइस पर कार्रवाई करना है।

अप्रैल से शुरू हुआ मनी रिस्टोरेशन सिस्टम

साइबर ठगी के पीड़ितों को पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अप्रैल 2026 से Money Restoration Module और Grievance Redressal Module को चालू किया गया है। इसके जरिए ठगी की रकम वापस दिलाने और बैंक अकाउंट फ्रीज या लियन मार्किंग से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान करने की व्यवस्था की गई है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article