गूगल ने इस मोबाइल ऐप को किया बैन, प्ले-स्टोर से भी हटाया, आप भी करें डिलीट
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Feb 3, 2026, 02:27 PM IST
अगर कोई ऐप खतरनाक परमिशन मांगता है, अनजान या अविश्वसनीय सर्वर से जुड़ता है, मालवेयर जैसा व्यवहार करता है या गैरकानूनी स्ट्रीमिंग कंटेंट दिखाता है तो Play Protect उस एप को डिसेबल कर सकता है और यूजर को उसे हटाने का नोटिफिकेशन दे देता है।
CRICFy Taken Down From Play Store
अगर हाल के दिनों में आपके फोन पर यह नोटिफिकेशन आया हो कि CRICFy ऐप खतरनाक है और इसे अनइंस्टॉल किया जाना चाहिए, तो यह किसी गड़बड़ी का मामला नहीं था। दरअसल, यह Google की पायरेटेड स्ट्रीमिंग एप्स के खिलाफ नई सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।
एंड्रॉयड का “वाइल्ड वेस्ट” दौर खत्म
Google ने अब एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से चल रहे “जो चाहो इंस्टॉल करो” वाले दौर को खत्म करने का फैसला कर लिया है। इस बदलाव की पहली बड़ी मार पायरेटेड लाइव स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग एप्स पर पड़ी है, जिनमें CRICFy TV सबसे चर्चित नाम था।
Play Protect बना सख्त गेटकीपर
CRICFy को हटाने के पीछे असली हथियार है Google Play Protect। अब यह पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक तरीके से काम कर रहा है। Play Protect रियल-टाइम में ऐप्स को स्कैन करता है और अगर कोई एप संदिग्ध, अस्थिर या गैरकानूनी पाई जाती है, तो उसे अपने आप ब्लॉक या अनइंस्टॉल कर देता है।
साइडलोडेड ऐप्स निशाने पर
Google की यह कार्रवाई खासतौर पर साइडलोडेड ऐप्स के खिलाफ है। यानी वे ऐप्स जो Google Play Store के बाहर से इंस्टॉल की जाती हैं जैसे ब्राउजर डाउनलोड, फाइल मैनेजर, USB ट्रांसफर या थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स। CRICFy TV जैसे ऐप्स अब ऐसे डिवाइसेज पर अपने आप फ्लैग और अनइंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिनमें Google सर्विसेज मौजूद हैं।
मालवेयर या कानूनी जोखिम?
Google का कहना है कि कई साइडलोडेड ऐप्स में ट्रोजन या मालवेयर पाए जा रहे हैं, हालांकि कुछ मामलों में यह साफ नहीं है कि ऐप वास्तव में खतरनाक है या सिर्फ कानूनी जोखिम पैदा करता है, लेकिन यूजर के लिए नतीजा एक ही है, ऐसे ऐप्स को ब्लॉक कर दिया जाता है।
पहले से बदला हुआ है एंड्रॉयड का रवैया
पहले एंड्रॉयड में साइडलोडेड ऐप्स को इंस्टॉल करने की खुली छूट थी और Google बीच में ज्यादा दखल नहीं देता था। अब स्थिति बदल चुकी है। Play Protect अब इंस्टॉल होने के बाद भी साइडलोडेड ऐप्स की निगरानी करता है, चाहे वे Play Store से न आए हों।
संदिग्ध व्यवहार पर तुरंत कार्रवाई
अगर कोई ऐप खतरनाक परमिशन मांगता है, अनजान या अविश्वसनीय सर्वर से जुड़ता है, मालवेयर जैसा व्यवहार करता है या गैरकानूनी स्ट्रीमिंग कंटेंट दिखाता है तो Play Protect उस एप को डिसेबल कर सकता है और यूजर को उसे हटाने का नोटिफिकेशन दे देता है।
2027 में और सख्ती आने वाली है
CRICFy TV का हटना सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है। Google 2027 तक एक नई नीति लागू करने जा रहा है जो कि Mandatory Developer Verification Policy है। इसके तहत Play Store के बाहर एप डिस्ट्रीब्यूट करने वाले डेवलपर्स की पहचान जांच अनिवार्य होगी। इस प्रक्रिया की शुरुआत Google ने पिछले साल ही कर दी थी, जिससे पूरे एंड्रॉयड इकोसिस्टम पर उसका नियंत्रण और मजबूत होगा।