OpenAI ने भारत में ChatGPT के इस्तेमाल को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी के मुताबिक, भारत में ChatGPT के साप्ताहिक सक्रिय यूजर्स की संख्या 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक हो गई है। इस तरह भारत, अमेरिका के बाद ChatGPT का सबसे बड़ा बाजार बन गया है और सबसे तेजी से बढ़ने वाला मार्केट भी है।
18-24 वर्ष के युवा भेज रहे आधे संदेश
कंपनी के अनुसार, भारत में 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के यूजर ChatGPT अपनाने में सबसे आगे हैं। इस आयु वर्ग के लोग देश में भेजे जाने वाले कुल संदेशों का 50% हिस्सा रखते हैं, जबकि वैश्विक औसत करीब 33% है। वहीं 18-34 वर्ष के यूजर मिलकर भारत से भेजे जाने वाले लगभग 80% कंज्यूमर संदेशों के लिए जिम्मेदार हैं। इससे साफ है कि देश में AI अपनाने की अगुवाई युवा कर रहे हैं।
शिक्षा और करियर से जुड़े सवाल ज्यादा
OpenAI का कहना है कि भारत में युवाओं द्वारा भेजे जाने वाले अधिकतर संदेश व्यावहारिक मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और खुद को अभिव्यक्त करने से जुड़े होते हैं। शिक्षा और शुरुआती करियर से जुड़े उपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं। OpenAI के मुख्य अर्थशास्त्री Ronnie Chatterji ने कहा कि AI को अपनाने की रफ्तार इतनी तेज है कि उसे माप पाना भी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि ठोस आंकड़ों के आधार पर ही भारत में AI पर बहस होनी चाहिए।
35% भारतीय काम के लिए कर रहे इस्तेमाल
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में भेजे जाने वाले 35% संदेश काम से जुड़े होते हैं, जो वैश्विक औसत (करीब 30%) से अधिक है। ऑफिस या प्रोफेशनल काम में लोग ChatGPT का इस्तेमाल मुख्य रूप से एडिटिंग, तकनीकी सहायता,
डिबगिंग, वर्कफ्लो तेज करने के लिए कर रहे हैं।
तकनीकी और कोडिंग में ज्यादा उपयोग
OpenAI ने बताया कि भारत में तकनीकी कार्यों के लिए ChatGPT का उपयोग वैश्विक औसत से अधिक है। Plus और Pro यूजर्स में डेटा एनालिसिस टूल का उपयोग वैश्विक औसत से 4 गुना अधिक है। कोडिंग असिस्टेंट Codex का उपयोग 3 गुना अधिक दर्ज किया गया है। कोडिंग से जुड़े कार्यों में सबसे ज्यादा उपयोग तेलंगाना में दर्ज किया गया, इसके बाद कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान है।
भारत बना तेजी से बढ़ता AI बाजार
OpenAI के अनुसार, भारत Codex के लिए भी सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार बन गया है। पिछले दो हफ्तों में इसके साप्ताहिक सक्रिय यूज़र्स में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि भारत में AI अब सिर्फ प्रयोग या मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पढ़ाई, करियर और रोजमर्रा के कामकाज का अहम हिस्सा बन चुका है।
