Budget 2026: AI से कौन-सी नौकरियां जाएंगी, कौन-सी बचेंगी? जवाब देगी नई सरकारी समिति
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Feb 1, 2026, 03:26 PM IST
Budget 2026: वित्त मंत्री के अनुसार, ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी’ सर्विस सेक्टर को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ठोस सिफारिशें देगी। यह समिति इस बात की पहचान करेगी कि AI और अन्य उभरती तकनीकों के जरिए किन क्षेत्रों में विकास की सबसे अधिक संभावनाएं हैं और उन्हें कैसे बेहतर तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है।
केंद्रीय बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सरकार ने एक अहम संस्थागत पहल की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सर्विस सेक्टर पर AI जैसी नई तकनीकों के प्रभाव की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया। इस समिति का मकसद भारत की युवा आबादी के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता के नए रास्ते तलाशना है।
क्या काम करेगी नई हाई-पावर्ड समिति
वित्त मंत्री के अनुसार, ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी’ सर्विस सेक्टर को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ठोस सिफारिशें देगी। यह समिति इस बात की पहचान करेगी कि AI और अन्य उभरती तकनीकों के जरिए किन क्षेत्रों में विकास की सबसे अधिक संभावनाएं हैं और उन्हें कैसे बेहतर तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है।
किन सेक्टरों पर दिखेगा AI का असर
समिति का फोकस आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, एजुकेशन, ई-कॉमर्स, मीडिया, लॉजिस्टिक्स और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इन सभी सेक्टरों में AI के कारण काम करने के तरीके, स्किल की जरूरत और उत्पादकता में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
नौकरियों पर AI के प्रभाव की भी होगी समीक्षा
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या यह समिति AI के कारण खत्म होने वाली नौकरियों पर भी रिपोर्ट देगी। बजट भाषण के संकेतों से साफ है कि समिति का काम केवल ग्रोथ के अवसरों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह भी आकलन किया जाएगा कि ऑटोमेशन और AI से किन तरह की नौकरियों पर खतरा है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रभावित वर्कफोर्स को नए कौशल देकर किस तरह दोबारा रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
रिफॉर्म्स पर जोर, बयानबाजी नहीं
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2026 में सरकार ने बयानबाजी के बजाय सुधारों का रास्ता चुना है। AI को लेकर बनाई जा रही यह समिति भी उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए भारत को ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे ले जाया जाएगा।
इकोनॉमिक सर्वे और AI रणनीति से जुड़ाव
हाल ही में संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे में भी AI को एक प्रतिष्ठा की दौड़ नहीं, बल्कि एक आर्थिक रणनीति के रूप में देखने पर जोर दिया गया था। इसमें सेक्टर-विशिष्ट और बॉटम-अप अप्रोच की सिफारिश की गई थी, जो नई समिति के कामकाज की दिशा तय कर सकती है।
कैपेक्स बढ़ोतरी से मिलेगा तकनीक को सपोर्ट
इसके साथ ही सरकार ने बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI अपनाने और सर्विस सेक्टर में टेक्नोलॉजी आधारित ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, AI के प्रभाव की समीक्षा के लिए बनने वाली यह नई समिति न सिर्फ भविष्य की नौकरियों की दिशा तय कर सकती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर सकती है कि तकनीकी बदलाव के बीच भारत का सर्विस सेक्टर समावेशी और टिकाऊ तरीके से आगे बढ़े।