ट्रैकिंग से रखेगा दूर
हालांकि Bluetooth का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सुरक्षा हैकिंग के लिए कम ही होता है, लेकिन इसका लगातार ब्रॉडकास्ट होना अक्सर ट्रैकिंग के लिए एक बड़ा जरिया बन जाता है। कोई भी व्यक्ति Bluetooth सिग्नल्स के जरिए यह पता लगा सकता है कि कोई डिवाइस कब और कहां मौजूद था।
नए मैकेनिज्म से लैस है Bluetooth 6.1
अब Bluetooth 6.1 में Randomized RPA (Resolvable Private Address) Updates नामक एक नया मैकेनिज्म जोड़ा गया है, जो यह तय करता है कि डिवाइस का एड्रेस कब और कैसे बदलेगा, इसमें अधिक अनिश्चितता (randomness) रहेगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स के लिए किसी डिवाइस की पहचान करना या उसकी गतिविधियों को फॉलो करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
क्या है Randomised RPA?
ब्लूटूथ-इनेबल्ड हर डिवाइस में एक यूनिक एड्रेस (पहचान) होता है, जिससे दूसरे डिवाइस उसे पहचानते हैं और कनेक्ट होते हैं। पहले ये एड्रेस हर कुछ तय समय (जैसे हर 15 मिनट) पर बदलता था ताकि यूजर की प्राइवेसी बनी रहे। लेकिन क्योंकि समय तय था, थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स के लिए डिवाइस की एक्टिविटी ट्रैक करना संभव हो जाता था। अब Bluetooth 6.1 में यह एड्रेस रैंडम समय पर बदलेगा- जैसे हर 8 से 15 मिनट के बीच किसी भी समय- जिससे ट्रैकिंग करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
