UPI Rules Change: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए अहम खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए नियमों के तहत आज से UPI ट्रांजेक्शन ID में स्पेशल कैरेक्टर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यानी आप यूपीआई आईडी में (*#@ जैसे कैरेक्टर) का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यदि कोई ऐप स्पेशल कैरेक्टर वाली ट्रांजेक्शन ID जनरेट करती है, तो वह पेमेंट सेंट्रल सर्वर द्वारा रिजेक्ट कर दी जाएगी।
NPCI ने क्यों लिया यह फैसला?
NPCI ने UPI ट्रांजेक्शन ID जनरेट करने की प्रक्रिया को स्टैंडर्ड और सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सेफ्टी और विश्वसनीयता बढ़ेगी। अब ट्रांजेक्शन ID में केवल अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर (A-Z, 0-9) का ही उपयोग किया जा सकेगा।
पहले भी जारी किए गए थे आदेश
NPCI पहले भी UPI ट्रांजेक्शन ID को स्टैंडर्ड बनाने के लिए नियम जारी कर चुका है। मार्च 2023 में जारी आदेश के तहत ट्रांजेक्शन ID की अधिकतम लंबाई 35 कैरेक्टर तक तय की गई थी। इससे पहले ID की लंबाई 4 से 35 कैरेक्टर के बीच हो सकती थी।
UPI का डिजिटल पेमेंट में दबदबा
डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में डिजिटल पेमेंट में UPI का हिस्सा 34% था, जो अब बढ़कर 83% हो गया है। बाकी 17% में NEFT, RTGS, IMPS, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किए जाने वाले पेमेंट शामिल हैं।
NPCI के नए नियमों के लागू होने के बाद, UPI पेमेंट ऐप्स को इस बदलाव का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई ऐप नए दिशानिर्देशों के अनुरूप ट्रांजेक्शन ID जनरेट नहीं करती है, तो वह UPI ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे।
