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BharatNet link: भारत के 2.18 लाख ग्राम पंचायतों में पहुंचा हाई-स्पीड इंटरनेट, जानें सरकार का प्लान

High-speed internet: केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री, एसपी सिंह बघेल ने कहा कि भारतनेट के तहत बनाए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन, लीज्ड लाइन, डार्क फाइबर और मोबाइल टावरों तक बैकहॉल जैसी ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जा सकता है।

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High-speed internet

High-speed internet: देश की कुल 2.68 लाख ग्राम पंचायतों में से 2.18 लाख ग्राम पंचायतों को भारतनेट परियोजना के तहत हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार कर लिया गया है। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में दी गई। केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री, एसपी सिंह बघेल ने राज्य सभा में लिखित जवाब में कहा कि भारतनेट प्रोजेक्ट को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (डीओटी) द्वारा चरणबद्ध तरीके से देश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सभा को बताया कि सभी राज्य अपने पास उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) को क्रियान्वित करने का प्रयास कर रहे हैं। डीओटी की ओर से कहा गया कि सरकार की योजना भारतनेट प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरा करने की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतनेट के तहत बनाए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन, लीज्ड लाइन, डार्क फाइबर और मोबाइल टावरों तक बैकहॉल जैसी ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने 'डिजाइन, बिल्ड, ऑपरेट और मेंटेन' मॉडल के तहत 'एमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम' को मंजूरी दी है। इसके तहत भारतनेट फेस-I और भारतनेट फेस-II के मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी 42,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा, जो अब तक सर्विस-रेडी नहीं है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को अगले पांच वर्षों में 1.5 करोड़ एफटीटीएच कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने उच्च सदन को यह भी बताया कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत पंचायती राज मंत्रालय देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ई-पंचायत एमएमपी को लागू कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों के कामकाज में सुधार लाना है, उन्हें अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। इस पहल के एक भाग के रूप में, मंत्रालय ने ई-ग्रामस्वराज नामक एक ऑनलाइन प्लानिंग और अकाउंटिंग एप्लीकेशन को शुरू किया है, जिसे पंचायत की गतिविधियों जैसे प्लानिंग, अकाउंटिंग और बजट को सरल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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