टेक एंड गैजेट्स

भारतीय सेना को ड्रोन सिस्टम की सप्लाई करेगी ये कंपनी, मिले 100 करोड़ के ऑर्डर

Axiscades Technologies: एमपीसीडीएस में बैटरी और मुख्य बिजली आपूर्ति दोनों पर काम करने की क्षमता है। यह कमांड, कंट्रोल और नेविगेशन सहित कई फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम को कवर कर सकता है। एमपीसीडीएस 5 किलोमीटर तक की सीमा के भीतर विभिन्न प्रकार के ड्रोन का पता लगा सकता है और उन्हें जाम कर सकता है।

Image

Drone System (Image-Canva)

Man Portable Counter Drone System: इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रोवाइडर एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज ने सोमवार को कहा कि वह 100 करोड़ रुपये के ऑर्डर के तहत भारतीय सेना को ड्रोन सिस्टम उपलब्ध कराएगी। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मैन पोर्टेबल काउंटर ड्रोन सिस्टम (एमपीसीडीएस) को एक्सिसकेड्स (Axiscades Technologies) द्वारा विकसित किया गया है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा गया,‘‘ एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज (Axiscades Technologies) ने भारतीय सेना से मिले 100 करोड़ रुपये के ठेके के तहत ए़़डवांस‘काउंटर-ड्रोन’ सिस्टम की आपूर्ति शुरू कर दी है।’’ बता दें कि ने मैन पोर्टेबल काउंटर ड्रोन सिस्टम (एमपीसीडीएस) को विकसित किया है। कंपनी ने बिना कोई अतिरिक्त जानकारी दिए कहा कि उसका लक्ष्य 2024 के अंत तक पूरी सप्लाई करने की है।

क्या है MPCDS?

एमपीसीडीएस में बैटरी और मुख्य बिजली आपूर्ति दोनों पर काम करने की क्षमता है। यह कमांड, कंट्रोल और नेविगेशन सहित कई फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम को कवर कर सकता है। एमपीसीडीएस 5 किलोमीटर तक की सीमा के भीतर विभिन्न प्रकार के ड्रोन का पता लगा सकता है और उन्हें जाम कर सकता है।

पहला ‘काउंटर ड्रोन सिस्टम’

एक्सिसकेड्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक अरुण कृष्णमूर्ति ने कहा, ''यह भारतीय रक्षा बलों में ‘मैन पोर्टेबल' श्रेणी में शामिल किया जाने वाला पहला ‘काउंटर ड्रोन सिस्टम’ है। इसको भारतीय सेना द्वारा कई स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य अपने सशस्त्र बलों की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए नवाचार करना और उन्नत सुरक्षा समाधान प्रदान करना जारी रखना है।’’

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article