क्या तार वाले ईयरफोन अब नहीं लेने चाहिए? क्यों वायरलेस बड्स हैं स्मार्ट लोगों की पसंद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 20, 2022, 08:37 PM IST

आजकल वायरलेस ईयरबड्स काफी ट्रेंड में हैं। इसलिए काफी सारी कंपनियां सस्ते और महंगे दामों पर नए-नए वायरलेस ईयरबड्स मार्केट में लॉन्च करती रहती हैं। अगर आप भी दोनों में से कोई एक लेना चाहते हैं।

क्या तार वाले ईयरफोन अब नहीं लेने चाहिए? क्यों वायरलेस बड्स हैं स्मार्ट लोगों की पसंद

आजकल वायरलेस ईयरबड्स काफी ट्रेंड में हैं। इसलिए काफी सारी कंपनियां सस्ते और महंगे दामों पर नए-नए वायरलेस ईयरबड्स मार्केट में लॉन्च करती रहती हैं। अगर आप भी दोनों में से कोई एक लेना चाहते हैं। लेकिन, कंफ्यूज हो रहे हैं तो हम आपको यहां इनके बारेमें कुछ बातें बताने जा रहे हैं। 

वायर्ड ईयरफोन्स 

अच्छी बातें

  • वायर्ड ईयरफोन्स में एनालॉग सिग्नल यूज किए जाते हैं ऐसे में ये अच्छी साउंड क्वालिटी ऑफर करते हैं। 
  • वायर्ड ईयरफोन्स वायरलेस की तुलना में काफी सस्ते होते हैं और इन्हें फिक्स करना भी आसान होता है। 
  • चूंकि, इन्हें प्लग करके यूज किया जाता है। ऐसे में इनमें बैटरी की किसी भी तरह कि दिक्कत नहीं होती है। 
  • वायर्ड ईयरफोन्स को यूज करना आसान होता है। इन्हें किसी ऐप से पेयर करने की जरूरत नहीं होती है। 

कमियां 

  • वायरलेस ईयरफोन्स की तरह इन्हें फोन से दूर बैठे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। 
  • चूंकि, ज्यादातर वायर्ड ईयरफोन्स 3.5mm कनेक्टर के साथ आते हैं। ऐसे में कंपैटिबिलिटी भी एक समस्या होती है। 
  • लंबे वायर होने की वजह से इसे कभी-कभी स्टोर करने में भी दिक्कत होती है। साथ ही वायर्स के उलझने का भी डर होता है। 

वायरलेस ईयरफोन्स 

अच्छी बातें 

  • वायरलेस ईयरफोन्स को फोन से दूर रहते हुए भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। 
  • चूंकि, वायरलेस ईयरफोन्स ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ आते हैं। ऐसे में इन्हें किसी ब्लूटूथ सपोर्ट वाली डिवाइस के साथ कनेक्ट किया जा सकता है। 
  • ये साइज में कॉम्पैक्ट होते हैं। ऐसे में इसे कैरी करना आसान होता है। 
  • लंबे केबल ना होने से वायर्स के उलझने की झंझट नहीं होती। 

कमियां 

  • वायरलेस ईयरफोन्स एक सीमित बैटरी लाइफ के साथ आती हैं। ऐसे में इन्हें लंबे समय तक चलाया नहीं जा सकता है। 
  • वायरलेस ईयरफोन्स वायर्ड के मुकाबले महंगे होते हैं। 
  • इन्हें रिपयर करना आसान नहीं होता। 
  • कनेक्टिविटी और पेयरिंग को लेकर कई बार काफी दिक्कत होती है। 

बहरहाल, आप ऊपर बताई गई बातों को पढ़कर शायद समझ ही गए होंगे कि आपको क्या खरीदना है। 

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