कभी सोचा है मंथली प्रीपेड प्लान्स में 30 दिन की जगह 28 दिन की वैलिडिटी के साथ क्यों आते हैं? छुपा है करोड़ों का राज!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 24, 2021, 07:10 PM IST

कभी आपने सोचा है कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स मंथली प्रीपेड प्लान्स बोलकर 30 दिन की जगह क्यों 28 दिन की वैलिडिटी थमा देते हैं? अगर आप कैलकुलेट करें तो आपको पता चलेगा कि जो लोग मंथली रिचार्ज प्लान अपनाते हैं उन्हें 12 बार नहीं बल्कि साल में 13 बार रिचार्ज कराना होता है।

कभी सोचा है मंथली प्रीपेड प्लान्स में 30 दिन की जगह 28 दिन की वैलिडिटी के साथ क्यों आते हैं? छुपा है करोड़ों का राज!

कभी आपने सोचा है कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स मंथली प्रीपेड प्लान्स बोलकर 30 दिन की जगह क्यों 28 दिन की वैलिडिटी  थमा देते हैं? अगर आप कैलकुलेट करें तो आपको पता चलेगा कि जो लोग मंथली रिचार्ज प्लान अपनाते हैं उन्हें 12 बार नहीं बल्कि साल में 13 बार रिचार्ज कराना होता है। यहीं छुपा है करोड़ों का राज।

ऐसा करने के पीछे बड़ा कैलकुलेशन छुपा हुआ है। 30 दिन की जगह 28 दिन की वैलिडिटी ऑफर कर टेलीकॉम कंपनियां भारी पैसा कमाती हैं। आइए जानते हैं कैसे? 12 महीने X 28 दिन की वैलिडिटी = 336 दिन। यानी एक साल के 365 दिन में 29 दिन कम। इससे आप समझ सकते हैं कि अगर आप 28 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान हर महीने खरीदते हैं तो आपको एक साल में 13 बार ये प्लान खरीदना होगा। 28 दिन X 13 महीने = 364 दिन। 

आपको जानकार हैरानी होगी कि Jio, Vodafone Idea और Airtel जैसी टेलीकॉम कंपनियां इसके जरिए करोड़ों रूपये कमाती हैं। उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझ सकते हैं कि Airtel का 28 दिन की वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता कॉम्बो प्लान 179 रुपये का है। 

इस प्लान कंपनी के सितंबर तक के यूजरबेस यानी 34.44 करोड़ में से अगर 15 प्रतिशत लोग भी अगर खरीदते हैं तो भी ये संख्या 5.25 करोड़ है, यानी 179 रुपये से गुणा करने पर लगभग 940 करोड़ रुपये होते हैं। ऐसा ही मुनाफा बाकी कंपनियां भी कमाती हैं। मतलब आप समझ सकते हैं कि महज 28 दिन की वैलिडिटी देने से कि कंपनियों को कैसे करोड़ों का फायदा हो रहा है। 

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