Google का पासवर्ड मैनेजर आपको द्वारा सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले क्रेडेंशियल्स को सेव करता है और यूजर्स को क्रोम ब्राउजर के जरिए वेबसाइट्स में आसानी से लॉग-इन करने में मदद करता है। ये एंड्रॉयड यूजर्स और गूगल क्रोम के लिए इकोसिस्टम-वाइड सर्विस है। मौजूदा पासवर्ड्स को स्टोर करने के अलावा क्रोम के पासवर्ड मैनेजर में एक पासवर्ड जनरेटर भी मिलता है। ये यूजर्स को स्ट्रॉन्ग, कॉम्पलेक्स और यूनिक पासवर्ड जरनेट करने में मदद करता है।
पिछले महीने की एक रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि गूगल क्रोम पासवर्ड सेंड करने की एबिलिटी को भी ऐड कर सकता है। इसी तरह एक हालिया रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि गूगल, पासवर्ड्स के साथ नोट्स स्टोर करने की एबिलिटी देने की तैयारी कर रहा है। इस बीच आइए समझते हैं कि गूगल पासवर्ड मैनेजर के बारे में।
Google का पासवर्ड मैनेजर कैसे करता है काम?
गूगल का पासवर्ड मैनेजर ठीक अपने नाम की ही तरह काम करता है। ये पासवर्ड सेव करता है। इसके अलावा ये अकाउंट के साथ लिंक नेम और ई-मेल एड्रेस को भी सेव करता है। पासवर्ड मैनेजर में यूजर्स ढेरों अकाउंट्स के क्रेडेंशियल्स को सेव कर सकते हैं। साथ ही ये इकोसिस्टम वाइड सर्विस है। यानी सेम सेव किए गए पासवर्ड्स को PC और एंड्रॉयड फोन दोनों ही एक्सेस कर सकते हैं। साथ ही इन पासवर्ड्स गूगल क्रोम के जरिए iOS डिवाइस, क्रोमबुक और टैबलेट्स के जरिए भी एक्सेस किया जा सकता है।
कितना सेफ है गूगल का पासवर्ड मैनेजर?
जब तक आपका मेन पासवर्ड स्ट्रॉन्ग है। तब तक यूजर्स को गूगल पासवर्ड मैनेजर में स्टोर किए गए पासवर्ड्स को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। गूगल मेन अकाउंट के लिए 2-स्टेप वेरिफिकेशन भी ऑफर करता है। यूजर्स को गूगल का 2-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन करना चाहिए। क्योंकि, सिक्योरिटी का एडिशनल लेयर यूजर्स को ऑफर करता है।
