Dropper मैलवेयर या ट्रोजन ड्रॉपर या केवल ड्रॉपर एक ट्रोजन प्रोग्राम है जिसमें खतरनाक कोड होता है। इसे ये टारगेटेड PC या स्मार्टफोन में ड्रॉप करता है। ये उस मैलवेयर से काफी अलग होता है जो किसी सर्वर से किसी सिस्टम में उसे इंफेक्ट करने के लिए डाउनलोड होता है। जबकि, ड्रॉपर मैलवेयर एक ऐप के अंदर खतरनाक प्लेलोड छुपा कर रखता है। ये तब ट्रिगर होता है जब ये डिवाइस की सिक्योरिटी को बायपास कर देता है।
इसे आप किसी फ्रेंडली लगने वाले ड्रोन की तरह समझ सकते हैं जो दुश्मन के एरिया में हैकिंग डिवाइस ड्रॉप कर दे। यहां आप स्मार्टफोन यूजर को दुश्मन की तरह मान सकते हैं। जिसे इस बात की भनक नहीं है कि उसके फोन में मैलवेयर आ गया है। मैलवेयर एक बार डिवाइस में आ जाने के बाद ये आपकी निजी जानकारियां चुरा सकते हैं और भी कई तरह से आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ड्रॉपर मैलवेयर किसी यूजफुल लगने वाले ऐप में छुपा हो सकता है। एक हालिया उदाहरण की बात करें तो Fast Cleaner ऐप में Xenomorph बैंकिंग ट्रोजन मिलने की जानकारी मिली थी।
ड्रॉपर मैलवेयर आपके स्मार्टफोन या PC पर अटैक कैसे करता है?
ड्रॉपर मैलवेयर (ट्रोजन ड्रॉपर) अपने आप में हार्मलेस होता है। लेकिन, डरने वाली सबसे बड़ी बात ये है कि इसके साथ आया क्या है। ट्रोजन ड्रॉपर का मेन फंक्शन खतरनाक टूल या कोड को विक्टिम की डिवाइस में छुपाना है। जैसे ही ये वक्टिम की डिवाइस में लॉन्च होता है ये खतरनाक कोड एक्सट्रैक्ट करता है और इसे मेमोरी में सेव कर देता है। कभी-कभी ड्रॉपर मैलवेयर मैलवेयर इंस्टॉलर भी ला सकते हैं। ड्रॉपर मैलवेयर के ट्रोजन पहले यूजर की सिक्योरिटी को बायपास करते हैं और उसके बाद डिवाइस में इंस्टॉल होते हैं।
अपने सिस्टम में ड्रॉपर मैलवेयर को एंटर करने से कैसे रोकें?
वैसे इसका कोई फुलप्रूफ तरीका नहीं है। लेकिन आप कोशिश करें कि अपने फोन में गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से बाहर का कोई ऐप डाउनलोड ना करें। साथ ही अपनी डिवाइस में कोई गैरजरूरी मेमोरी और जंक क्लिनर ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से भी डाउनलोड करने से बचें। क्योंकि, इनके अंदर ट्रोजन छुपा हो सकता है। वहीं, PC में किसी किसी संदिग्ध लगने वाली वेबसाइट से फाइल और सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने से बचें।

