एप्पल के इस कदम से लाखों यूजर्स को बड़ी सहूलियत मिलने वाली है। (फोटो क्रेडिट-iStock)
एप्पल आईफोन्स अपने प्रीमियम क्वालिटी औ तगड़े सेफ्टी फीचर्स के लिए जाने जाते हैं। अधिकांश लोग इन्हें सेफ्टी फीचर्स के लिए ही खरीदते हैं। अगर आप एक नया आईफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। कैमरा से लेकर कॉलिंग तक में एप्पल अपने यूजर्स को कई सारे बेहतरीन फीचर्स उपलब्ध कराता है। अब कंपनी एक नया फीचर लाने जा रही है जो यूजर्स को अब तक का सबसे अलग एक्सपीरियंस देने वाला है। ऐसी लीक्स सामने आ रही है कि कंपनी अपने आईफोन यूजर्स के लिए सैटेलाइट कनेक्टविटी का फीचर लाने जा रही है।
ब्लूमबर्ग की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल इन दिनों सैटेलाइट कनेक्टिविटी वाले फीचर पर काम कर रही है। iPhone लवर्स को आने वाले अपडेट्स में सैटेलाइट मैप्स का फीचर मिल सकता है। इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर्स बिना सेलुलर कनेक्टिविटी के भी Apple Maps का उपयोग कर पाएंगे। इतना ही नहीं सैटेलाइट कनेक्टिविटी का फीचर बिना मोबाइल नेटवर्क के मैसेज करने की भी सुविधा देगा।
बताया जा रहा है कि एप्पल थर्ड पार्टी ऐप्स के लिए एक एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस यानी API भी बना रहा है जो कि डेवलपर्स को अपने ऐप्स में सैटेलाइट कनेक्टिविटी को इंटीग्रेट करने की सुविधा देगा। लीक्स की मानें तो कंपनी आईफोन को इस तरह से तैयार करने की कोशिश कर रहा है जिससे नेटवर्क न होने की कंडीशन में भी इस्तेमाल में लाया जा सके। अगर एप्पल आईफोन सैटेलाइट कनेक्टिविटी का फीचर देता है तो इससे पहाड़ी, जंगल या फिर दूर दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी हो मिल पाएगी।
आपको बता दें कि एप्पल आईफोन्स में यूजर्स को पहले से ही SOS सैटेलाइट फीचर ऑफर कर रहा है। कंपनी ने इस फीचर को साल 2022 में iPhone 14 पर इंटीग्रेट किया था। आईफोन का यह फीचर मुश्किल हालात में यूजर्स को रेस्क्यू टीम से कनेक्ट करने में मदद करता है। इसके कुछ समय बाद ही कंपनी ने आईफोन में Roadside Assistance फीचर भी दिया था। इस फीचर की मदद से ड्राइवर्स को खराब नेटवर्क वाले एरिया में मदद मिलती है।
अब एप्पल की तैयारी आईफोन्स के सिक्योरिटी फीचर्स को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने की है। कंपनी अब Maps और Messages में सैलेलाइट का फीचर जोड़ने जा रही है। एप्पल के इस कदम से दुनियाभर के करोड़ों आईफोन यूजर्स को बड़ी सहूलियत मिलने वाली है। रिपोर्ट्स की मानें तो एप्पल की Satellite Connectivity Group की टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।