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स्मार्टफोन में हमेशा ऑन रखें यह एक सेटिंग, भूकंप आने से पहले ही मिल मिल जाएगा अलर्ट

अगर आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है, तो उसमें मौजूद Earthquake Alerts फीचर को हमेशा ऑन रखना चाहिए। यह फीचर भूकंप के शुरुआती संकेतों का पता लगाकर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को तुरंत अलर्ट भेज सकता है।

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एंड्रॉयड स्मार्टफोन में इस तरह के कई सारे सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं। (फोटो क्रेडिट-iStock)

भूकंप ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसकी सटीक भविष्यवाणी आज भी संभव नहीं है। हालांकि, अब टेक्नोलॉजी इतना ज्यादा एडवांस हो चुकी है जिससे भूकंप के झटके आने से पहले इसके बारे में जानकारी मालूम की जा सकती है। आपको बाता दें कि एंड्रॉयड और iOS दोनों ही तरह के स्मार्टफोन्स में इसके लिए Early Earthquake Warning का फीचर दिया जाता है। यह फीचर लोगों की जान बचाने में बेहद अहम साबित हो सकता है।

अगर आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है, तो उसमें मौजूद Earthquake Alerts फीचर को हमेशा ऑन रखना चाहिए। यह फीचर भूकंप के शुरुआती संकेतों का पता लगाकर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को तुरंत अलर्ट भेज सकता है। ध्यान रहे कि अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन में यह सेटिंग अलग जगह पर हो सकती है।

क्या है Earthquake Alerts फीचर?

Earthquake Alerts सिस्टम एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर की मदद से काम करता है। जब किसी क्षेत्र में कई स्मार्टफोन एक साथ असामान्य कंपन महसूस करते हैं, तो यह जानकारी सर्वर तक पहुंचती है। इसके बाद सिस्टम डेटा का विश्लेषण करता है और यदि भूकंप की पुष्टि होती है, तो संभावित प्रभावित इलाकों में मौजूद यूजर्स को अलर्ट भेजा जाता है। इस फीचर का उद्देश्य लोगों को भूकंप आने से पहले सतर्क करना है ताकि वे लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा सके।

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

भूकंप के दौरान सबसे पहले तेज गति वाली P-Waves (Primary Waves) निकलती हैं, जो आमतौर पर ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसके बाद S-Waves (Secondary Waves) आती हैं, जिनसे सबसे ज्यादा नुकसान होता है।

Earthquake Alerts सिस्टम P-Waves का पता लगाकर S-Waves के पहुंचने से पहले चेतावनी जारी करने की कोशिश करता है। यदि आप भूकंप के केंद्र (Epicenter) से कुछ दूरी पर हैं, तो आपको कुछ सेकंड से लेकर दर्जनों सेकंड तक का समय मिल सकता है।

स्मार्टफोन में कैसे ऑन करें यह सेटिंग?

अगर आपके फोन में यह फीचर उपलब्ध है, तो इसे ऑन करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:
  • फोन की Settings खोलें।
  • Safety & Emergency या Location सेक्शन में जाएं।
  • Earthquake Alerts विकल्प पर टैप करें।
  • टॉगल को On कर दें।
  • साथ ही फोन की Location सर्विस भी ऑन रखें, क्योंकि कई डिवाइस पर यह फीचर इसके साथ काम करता है।

क्या यह भूकंप की भविष्यवाणी करता है?

नहीं। Earthquake Alerts फीचर भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करता। यह केवल भूकंप शुरू होने के बाद उसके शुरुआती संकेतों का पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पहले से चेतावनी भेजने का प्रयास करता है। इसलिए इसे "Early Warning System" कहा जाता है, न कि "Prediction System"।

अलर्ट मिलने पर क्या करें?

  • यदि आपके फोन पर भूकंप का अलर्ट आता है, तो घबराने की बजाय तुरंत सुरक्षा उपाय अपनाएं।
  • मजबूत मेज या टेबल के नीचे शरण लें।
  • खिड़कियों, भारी फर्नीचर और कांच से दूर रहें।
  • लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
  • यदि बाहर हैं, तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर खुले स्थान पर जाएं।
  • आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) के लिए भी सतर्क रहें।

आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग या इंटरनेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा का भी अहम माध्यम बन चुके हैं। यदि आपके एंड्रॉयड फोन में Earthquake Alerts फीचर उपलब्ध है, तो इसे हमेशा ऑन रखना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि यह फीचर भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि तेज झटके आने से पहले सीमित समय के लिए चेतावनी देने का प्रयास करता है। ऐसे अलर्ट मिलने पर सही और त्वरित कार्रवाई आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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