Lucknow News: राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके राजेंद्र नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राजेंद्र नगर चौराहे के पास स्थित विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में 42 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में सिर पर भारी औजार से प्रहार कर हत्या कर दी गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतका के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे पर ही हत्या का सनसनीखेज आरोप लगा है। घटना की सूचना मिलने पर थाना नाका पुलिस और आला अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग बेटे को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विवाद के दौरान आपा खो बैठा बेटा, औजार से किया जानलेवा हमला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान गीता भागचंदानी, पत्नी राकेश के रूप में हुई है। बुधवार की रात करीब 09:00 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि विजन अपार्टमेंट में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और फील्ड यूनिट ने जब घटनास्थल की जांच की, तो पता चला कि घर के भीतर मां और बेटे के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने गुस्से में आकर घर में रखे औजार से मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण गीता भागचंदानी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटनास्थल पर ही मिला बेटा पुलिस कस्टडी में
वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी नाबालिग बेटा मौके से भागा नहीं, बल्कि फ्लैट के अंदर ही मौजूद रहा। मौके पर पहुंची थाना नाका पुलिस ने उसे तुरंत अपनी संरक्षण में ले लिया। पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक (फील्ड यूनिट) टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, विधिक कार्रवाई जारी
नाका पुलिस ने मृतका के शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारी नाबालिग आरोपी से पूछताछ कर कत्ल की असली वजह (विवाद के कारण) का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार राजेन्द्र नगर चौराहे के पास विजन अपार्टमेंट में महिला की हत्या की सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में नाबालिग पुत्र द्वारा विवाद के दौरान औजार से प्रहार किए जाने की बात सामने आई है। आरोपी को पुलिस संरक्षण में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
