टेक एंड गैजेट्स

AI ब्राउजर आपके लिए खड़ी कर सकता है परेशानी, यूज करने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

पिछले कुछ समय में टेक कंपनियों के बीच में अब एआई ब्राउजर को लेकर भी कंपटीशन शुरू हो गया है। अगर आप एआई ब्राउजर का अपने फोन या फिर लैपटॉप में इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको सावधान रहना होगा। आपकी एक लापरवाही से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

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एआई ब्राउजर में एक गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। (फोटो क्रेडि-iStock)

पिछले एक-दो साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर ई-कॉमर्स वेबसाइट्स तक में जमकर एआई का इस्तेमाल हो रहा है। ChatGPT, Google Gemini, Perplexity जैसे AI चैटबॉट्स ने इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका ही बदलकर रख दिया है। चैटबॉट्स के बाद अब यूजर्स AI ब्राउजर की तरफ भी कदम बढ़ाने लगे हैं। अगर आप भी एआई ब्राउजर इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। इससे आपको कई तरह के बड़े नुकसान भी हो सकते हैं।

पिछले कुछ समय में टेक कंपनियों के बीच में अब एआई ब्राउजर को लेकर भी कंपटीशन शुरू हो गया है। कुछ समय पहले Perplexity ने अपना एआई ब्राउजर लॉन्च किया था और अब ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने भी अपना AI Browser लॉन्च कर दिया है। Open AI के एआई ब्राउजर का नाम Atlas है। अगर आप एआई ब्राउजर का अपने फोन या फिर लैपटॉप में इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको सावधान रहना होगा। आपकी एक लापरवाही से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

हाल ही में कुछ एक्सपर्ट्स की तरफ से यूजर्स को चेतावनी दी गई है कि इस समय तुरंत एआई बेस्ड ब्राउजर में शिफ्ट होना एक बड़े खतरे वाला कदम हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक यूजर्स की तरफ से एआई ब्राउजर को दिए जाने वाले प्रॉम्प्ट्स के जरिए साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स के प्रोफाइल, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स को एक्सेस कर सकते हैं। इतना ही नहीं क्रिमिनल्स यूजर्स के डिवाइस पर कंट्रोल भी बना सकते हैं जिसकी वजह से बड़ा फ्रॉड हो सकता है।

ब्रेव रिसर्चर्स की मानें तो AI बेस्ड ब्राउजर जैसे Perplexity, Comet, Fellou आदि में इंडायरेक्ट प्रॉम्प्ट इंजेक्शन का बड़ा खतरा हो सकता है। इससे वेबसाइट में छुपे हुए कमांड्स एआई को गलत निर्देश भी दे सकता है और इसका फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनल्स आपके साथ फ्रॉड कर सकते हैं।

लीक हो सकती है पर्सनल जानकारी

आपको बता दें कि दिग्गज कंपनी IBM के मुताबिक भी प्रॉम्प्ट इंजेक्शन एक खतरनाक साइबर अटैक है जिसमें एक खराब इनपुट को एक सही प्रॉम्प्ट की तरह प्रजेंट किया सकता है। अगर ऐसा होता है तो एआई सिस्टम में मौजूद कॉन्फिडेंशियल इंफॉर्मेशन भी लीक हो सकती है और आपकी पर्सनल जानकारी किसी और के पास पहुंच सकती है। इसलिए अगर आप एआई ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारी author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

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