AI Can Copy Your Handwriting: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर पहले से ही चिंताएं जताई जा रही हैं। लेकिन अब आवाज क्लोन और डीपफेक वीडियो के बाद एआई को लेकर एक नया खतरा सामने आ रहा है। दावा है कि जल्द ही, एआई का उपयोग किसी व्यक्ति की लिखावट (हैंडराइटिंग) स्टाइल की नकल करने के लिए भी किया जा सकता है। रिसर्चर्स का कहना है कि उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित की है जो लिखित कंटेंट के कुछ पैराग्राफ के आधार पर किसी की लिखावट की नकल कर सकती है।
कुछ पैराग्राफ की मदद से कॉपी हो जाएगी हैंडराइटिंग
अबू धाबी के मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एमबीजेडयूएआई) ने इस तकनीक को विकसित किया है। रिसर्चर्स का कहना है कि लिखित कंटेंट के कुछ पैराग्राफ के आधार पर किसी की भी हैंडराइटिंग की नकल की जा सकती है। इस तकनीक को पूरा करने के लिए रिसर्चर्स ने एक ट्रांसफॉर्मर मॉडल का उपयोग किया है, जो एक प्रकार का न्यूरल नेटवर्क है जिसे सिक्वेंशियल डेटा के संदर्भ और अर्थ सीखने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि अब तक इस फीचर को लाइव नहीं किया गया है।
दुनिया का पहला AI विश्वविद्यालय
बता दें कि MBZUAI की टीम, जो खुद को दुनिया का पहला AI विश्वविद्यालय कहती है, को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के लिए अमेरिकी पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है।
डीपफेक पर केंद्र सरकार सख्त
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डीपफेक के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार सख्त नजर आ रही है। जल्द ही सरकार डीपफेक पर नियम बना सकती है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि समस्या से निपटने के लिए आने वाले समय में सख्त आईटी नियमों को अधिसूचित किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह में आईटी नियमों में संशोधन की उम्मीद की जा सकती है।
