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LPG गैस बुकिंग के नाम पर हो रहा बड़ा स्कैम, पुलिस ने जारी की चेतावनी

बैंगलूरू पुलिस के नॉर्थ-ईस्ट जिले के डीसीपी कार्यालय ने LPG बुकिंग से जुड़े ऑनलाइन स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार इंटरनेट पर कई फर्जी LPG बुकिंग लिंक और वेबसाइटें तेजी से फैल रही हैं, जिनके जरिए ठग लोगों को धोखा दे रहे हैं।

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LPG Gas Booking Scam/Photo- Canva

देश में LPG गैस की इतनी भी किल्लत नहीं है जितना दिख रहा है। दरअसल जमाखारी के कारण रसोई गैस की किल्लत हो रही है। केवल जमाखोरी खत्म हो जाए तो गैस की समस्या एक झटके में दूर हो सकती है। इसी बीच स्कैमर्स भी एक्टिव हो गए हैं। हर कोई गैस बुकिंग के लिए परेशान है और इसका फायदा स्कैमर्स उठाने लगे हैं। हालात यह हो गई है कि पुलिस को चेतावनी जारी करनी पड़ी है।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी

बैंगलूरू पुलिस के नॉर्थ-ईस्ट जिले के डीसीपी कार्यालय ने LPG बुकिंग से जुड़े ऑनलाइन स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार इंटरनेट पर कई फर्जी LPG बुकिंग लिंक और वेबसाइटें तेजी से फैल रही हैं, जिनके जरिए ठग लोगों को धोखा दे रहे हैं। यह ठग नकली वेबसाइट और मैसेज के जरिए लोगों से पैसे ठगने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे होता है LPG बुकिंग स्कैम

पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी सबसे पहले लोगों को फर्जी LPG बुकिंग वेबसाइट का लिंक भेजते हैं। इसके बाद मैसेज के जरिए एडवांस पेमेंट करने के लिए कहा जाता है। कई मामलों में ठग उपभोक्ताओं से OTP या UPI PIN भी मांगते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति यह जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

पुलिस की सलाह

लोगों को इस तरह के फ्रॉड से बचाने के लिए पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बताई हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि LPG सिलेंडर की बुकिंग केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत गैस डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए ही करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कभी भी अपना OTP, UPI PIN या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर किसी व्यक्ति के साथ इस तरह की ठगी होती है, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा शिकायत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत करने से धोखाधड़ी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पांडेय author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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