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89% मोबाइल यूजर्स को खलती हैं मिस्ड और कटी हुई कॉल्स: सर्वे में हुआ बड़ा दावा!

Call drop issues India: लोकल सर्किल्स ने पिछले तीन महीनों में एक सर्वेक्षण किया था कि क्या कॉल कनेक्टिविटी से संबंधित नए नियम आने से कोई अपेक्षित प्रभाव पड़ा है। इस सर्वेक्षण में भारत के 342 जिलों में रहने वाले लोगों से 56,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।

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Mobile network problems

Photo : iStock

लगभग 89 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स को कॉल कनेक्ट होने में समस्या के अलावा कॉल अचानक कट जाने की स्थिति का भी सामना करना पड़ा है जबकि 40 प्रतिशत यूजर्स ने अक्सर ऐसी स्थिति आने की शिकायत की है। लोकल सर्किल्स के एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।

लोकल सर्किल्स ने पिछले तीन महीनों में एक सर्वेक्षण किया था कि क्या कॉल कनेक्टिविटी से संबंधित नए नियम आने से कोई अपेक्षित प्रभाव पड़ा है। इस सर्वेक्षण में भारत के 342 जिलों में रहने वाले लोगों से 56,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।

12 महीनों में कोई सुधार नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल 89 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स ने कॉल कनेक्ट न होने और कॉल कट जाने की समस्या का सामना करने की बात कही जबकि 40 प्रतिशत यूजर्स को अक्सर इसका सामना करना पड़ता है। सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि कॉल कनेक्ट न होने और बीच में ही कट जाने की समस्या में पिछले 12 महीनों में कोई सुधार नहीं हुआ है।

कॉल जुड़ने में समस्या और अचानक कॉल कटने के कारण उपभोक्ताओं को कई बार डेटा/वाई-फाई कॉल (व्हाट्सएप, फेसटाइम, स्काइप) करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि वे नियमित मोबाइल नेटवर्क से जुड़ नहीं पा रहे थे।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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