82 लाख मोबाइल कनेक्शन एक झटके में हुए बंद, इस मामले में सरकार ने की बड़ी कार्रवाई
- Authored by: गौरव तिवारी
- Updated Aug 10, 2025, 10:24 AM IST
साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगाम कसने के लिए सरकार और टेलिकॉम कंपनियां लगातार नए-नए कदम उठा रही हैं। इसी दिशा में कदम उठाते हुए लाखो मोबाइल नंबर्स पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार ने लाखों सिम कार्ड्स को ब्लॉक कर दिया है।
सरकार ने बंद कर दिए लाखो मोबाइल नबर्स। (फोटो क्रेडिट-iStock)
AI strike on Fake Sim Card: जब से इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ी है तब से ऑनलाइन स्कैम और साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से उछाल आया है। हालांकि अब इससे लोगों को सेफ रखने के लिए टेलिकॉम कंपनियां और सरकार दोनों ही लगातार प्रयास कर रही हैं। साइबर क्रिमिनल्स पर लगाम कसने के लिए अब स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस और बिग डेटा एनाटेलिक्स टूल एस्टर (एएसटीआर) का सरकार तेजी से इस्तेमाल कर रही है। स्कैमर्स और साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ अब यह एक प्रमुख हथियार बन चुका है।
लाखो नंबर्स पर हुई कार्रवाई
आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस और बिग डेटा एनाटेलिक्स टूल एस्टर (एएसटीआर) का इस्तेमाल करके करीब 82 लाख ऐसे मोबाइल नंबर्स की पहचान करके उन्हें बंद कर दिया गया जो एक ही आदमी के कई नामों पर लिए गए। इस बात की जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में दी।
गृहमंत्रालय उठा रहा है कदम
केंद्रीय राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि साइबर अपराध से संबंधित मामले गृह मंत्रायत के अधीन हैं और दूरसंचार विभाग साइबर फ्रॉड, स्कैम को खत्म करने और दूरसंचार संसाधनोंके दुरुपयोग को खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत है। साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से भारतीय साबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की गई है। इसकी मदद से प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने में सहूलियत मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि गृह मंत्रालय साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। जनता को साइबर अपराध के खिलाफ रिपोर्ट करने की सहूलियत देने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल NCRP (https://cybercrime.gov.in) भी लॉन्च किया है। उन्होंने बताया कि साल 2022, 2023 और 2024 में इस पोर्टल पर 10.29 लाख, 15.96 लाख और पिछले साल 22.68 लाख मामले दर्ज किए गए हैं।
KYC के लिए दिए गए निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने सदन में बताया कि एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग नामों से लिए गए मोबाइल कनेक्शन की पहचान करने के लिए स्वदेशी एआई और बिग डेटा एनालिटिक टूल एस्टर को डेवलप किया है। इसकी मदद से वेरिफिकेशन में फेल रहने वाले करीब 82 लाख से ज्यादा कनेक्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इतना नहीं नहीं साइबर क्राइम को खत्म करने के लिए दूससंचार विभाग ने टेलिकॉम कंपनियों को मोबाइल कनेक्शन जारी करने के लिए एक मजबूत 'अपने ग्राहक को जानो' (KYC) प्लेटफॉर्म तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।