Wrestling Federation of India membership suspended: भारतीय कुश्ती महासंघ पर गुरुवार को गाज गिरी है। यूनाइटेड वर्ल्ड फेडरेशन ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की सदस्यता अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई डब्ल्यूएफआई द्वारा समय पर चुनाव न कराने के चलते हुई है। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके बाद कई बार चुनाव कराने के प्रयास किए गए, लेकिन चुनाव नहीं हो पाया।
जून 2023 में होना था चुनाव
भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव जून 2023 में होना था। लेकिन पिछले दिनों संघ कई विवादों में फंस गया था। इसके चलते चुनाव कई बार स्थगित हो गए। इस बीच, कई राज्य भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं थे। उनकी याचिका पर कई बार कुश्ती संघ के चुनाप पर राक लग चुकी है। इसके चलते यूनाइटेड वर्ल्ड फेडरेशन ने यह फैसला लिया है। 12 अगस्त को होने वाले कुश्ती संघ के 15 पदों के लिए चुनाव होने थे। पिछले दिनों भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह सहित चार उम्मीदवारों ने इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया था।
तत्कालीन अध्यक्ष पर लगा था यौन उत्पीड़न का आरोप
भारतीय कुश्ती संघ इससे पहले दो बार सस्पेंड हो चुकी है। यह तीसरा मौका है, जबकि संघ को निलंबित किया था है। संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके चलते उनको कार्यकाल खत्म होने से पहले ही उन्हें संघ के कामकाज से अलग कर दिया गया था। वर्तमान में डब्ल्यूएफआई के दैनिक मामलों का प्रबंधप भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा गठित भूपेंदर सिंह बाजवा की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया जा रहा है।
इन्होंने दाखिल किया था नामांकन
12 अगस्त को होने वाले चुनाव के लिए 4 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। इसमें भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह, चंडीगढ़ कुश्ती संस्था के दर्शन लाल को महासचिव पद के लिए, उत्तराखंड के एसपी देसवाल को बृज भूषण शिविर से कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया गया था।
