नई दिल्ली: शीर्ष भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने शुक्रवार को कहा कि कुश्ती जगत योगेश्वर दत्त को भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ‘पिछलग्गू’ के रूप में याद रखेगा। इससे पहले लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर ने एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप ट्रायल से उन्हें और पांच अन्य पहलवानों को दी गई छूट पर सवाल उठाया था।
विनेश ने ट्विटर पर लिखा, 'कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना जोर मत लगाओ, बहुत पक्के इरादे हैं इनके। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। जालिम के हक में खड़े हो, उसकी चापलूसी कर रहे हो।'
जयचंद से की योगेश्वर की तुलना
एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में कई बार पदक जीत चुकी विनेश ने योगेश्वर की तुलना जयचंद से करते हुए कहा,'जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौसले बुलंद रहेंगे।' इतिहास में कन्नौज के राजा जयचंद को पृथ्वीराज चौहान को हराने के लिए मोहम्मद गौरी के साथ साजिश रचने के लिए याद किया जाता है। विनेश ने इसके साथ ही योगेश्वर पर कई गंभीर आरोप लगाये।
खेल मंत्रालय की समिति का हिस्सा थे बृजभूषण शरण सिंह
योगेश्वर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने के लिए खेल मंत्रालय द्वारा नियुक्त छह सदस्यीय समिति का हिस्सा थे। विनेश ने लिखा, 'योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उसकी वह घटिया हंसी दिमाग में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों समितियों का हिस्सा था। जब समिति के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगता। जब दो महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आयीं तो बाहर आकर उनको कहने लगा कि बृजभूषण का कुछ नहीं होगा, जाकर अभ्यास करो।'
पहलवानों पर डाला आरोप वापस लेने के लिए दबाव
विनेश ने यह भी आरोप लगाया कि योगेश्वर ने महिला पहलवानों से समझौता करने और बृजभूषण के खिलाफ आरोप वापस लेने के लिए कहा। उन्होंने दावा किया,'एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीके से बोला कि ये सब तो चलता रहता है इसको इतना बड़ा मुद्दा मत बनाओ। कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। समिति की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया में बता दिये। उसने कई महिला पहलवानों के घर फोन करके यह भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के खिलाफ बयान दे रहा था, उसके बावजूद उसे दोनों समितियों में रखा गया। वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकता रहा। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहा है।'
योगेश्वर को बताया जहरीला नाग और गद्दार
उन्होंने योगेश्वर पर भारतीय सेना के ‘जवानों’, छात्रों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बारे में अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया। विनेश ने कहा कि योगेश्वर कोई चुनाव नहीं जीत पाए क्योंकि वह गद्दार और ‘जहरीला नाग’ है। उन्होंने कहा,'तुम समाज से गद्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुंह गिरे हो। मैं दावा करती हूं कि कभी जिंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे क्योंकि समाज जहरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसे कभी पैर नहीं लगने देता।' विनेश ने योगेश्वर को चेतावनी दी कि बेहतर होगा कि वह महिला पहलवानों की मानसिक दृढ़ता को तोड़ने की कोशिश न करें क्योंकि उन्हें उनके जैसे ‘असंवेदनशील व्यक्ति’ नहीं हरा सकता है।
