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ये कैसे मनमानी, हद कर दी! डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद अमेरिका के खिलाड़ी का रेड कार्ड वापस लिया गया

Donald Trump Intervention In FIFA World Cup Revokes Red Card: फुटबॉल वर्ल्ड कप में एक अजीब और विवादित घटना हो गई है, जो शायद पहले कभी नहीं देखा गया। अमेरिका के स्टार खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को पिछले मैच में रेड कार्ड दिखाया गया था, यानी वो अगला मैच नहीं खेल पाते, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुद हस्तक्षेप करके फीफा को उनका लाल कार्ड वापस लेने पर मजबूर कर दिया।

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ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड वापस लिया गया

Photo : AP

FIFA World Cup 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के हस्तक्षेप के बाद विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने अमेरिका के स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन (Folarin Balogun) को मिला लाल कार्ड (Red Card) वापस ले लिया जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप मैच में खेल पाएंगे। अमेरिका की तरफ से मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक तीन गोल करने वाले बालोगुन को बुधवार को बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में अमेरिका की 2-0 की जीत के दौरान के तारिक मुहारेमोविच के दाहिने टखने पर गलत तरीके से पैर रखने के लिए लाल कार्ड मिला था। इससे वह एक मैच के लिए निलंबित हो गए थे।

फीफा ने रविवार को घोषणा की कि बालोगुन से निलंबन हटा लिया गया है। यह एक असाधारण कदम था जिसकी ट्रंप ने प्रशंसा की जबकि बेल्जियम की टीम ने नाराजगी जताई। ऐसा 1962 के बाद पहली बार है जबकि विश्व कप के दौरान लाल कार्ड मिलने पर भी निलंबन नहीं हुआ है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि ट्रंप ने मैच के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को फोन करके फीफा से लाल कार्ड की समीक्षा करने को कहा था।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, "सही काम करने और अन्याय को पलटने के लिए फीफा का आभार।" रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (आरबीएफए) ने कहा कि वह इस फैसले से ’हैरान’ है। बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने फीफा के फैसले का मजाक उड़ाया।

गार्सिया ने कहा, "मुझे नहीं पता था कि फीफा के दफ्तरों में पांच जुलाई (फीफा का फैसला पलटने का दिन) यूरोप के एक अप्रैल (अप्रैल फूल का दिन) के बराबर होती है। मुझे लगता है कि यह विश्व कप के इतिहास में ऐसा पहला फैसला है।"

बालोगुन को दिया गया लाल कार्ड विश्व कप के सबसे विवादास्पद और महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक था। ब्राजील के रेफरी राफेल क्लॉस ने शुरू में कार्ड का संकेत नहीं दिया था, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद उन्होंने बालोगुन को लाल कार्ड दिखाया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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