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यौन उत्पीड़न मामलों पर सख्त हुआ हॉकी इंडिया, बैठक में अध्यक्ष ने दिखाए तेवर

भारतीय हॉकी में यौन उत्पीड़न, कदाचार और अनुशासनहीनता के मामलों के बीच हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक बुलाने को कहा है जिसमें कथित दोषियों के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध समेत अन्य कार्रवाई पर चर्चा हो। भारतीय हॉकी को पिछले कुछ अर्से में यौन उत्पीड़न, कदाचार और पद के दुरुपयोग के मामलों ने झकझोर दिया है।

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हॉकी इंडिया में यौन उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई। फोटो- AP

नयी दिल्ली, (भाषा)। भारतीय हॉकी में यौन उत्पीड़न, कदाचार और अनुशासनहीनता के मामलों के बीच हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक बुलाने को कहा है जिसमें कथित दोषियों के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध समेत अन्य कार्रवाई पर चर्चा हो। अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को लिखे एक सख्त ईमेल में कहा ,’’ यौन उत्पीड़न से जुड़े हर मामले से पॉश एक्ट 2013 के तहत सख्ती से निपटना होगा । हॉकी इंडिया को लेकर इस तरह की धारणा नहीं बननी चाहिये कि कदाचार को अनदेखा किया जा रहा है और ऐसा करने वालों को बचाया जा रहा है।’’

इस ईमेल की एक प्रति पीटीआई भाषा के पास है। इसमें कहा गया,’’ये घटनाएं महिला सशक्तिकरण और ’नारी शक्ति’ के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के बिल्कुल विपरीत हैं।’’ इसमें कहा गया,’’ हमें यौन उत्पीड़न, पद के दुरूपयोग, धमकाने, कदाचार या शिकायतों को दबाने के मामलों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनानी होगी। कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और जरूरत होने पर आजीवन प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।’’

भारतीय हॉकी को पिछले कुछ अर्से में यौन उत्पीड़न, कदाचार और पद के दुरूपयोग के मामलों ने झकझोर दिया है। ताजा कड़ी में भोपाल में अंडर-18 लड़कों के शिविर से सहायक कोच सुधीर गोला को हटाया गया। इससे पहले रांची में एकलव्य हॉकी ट्रेनिंग सेंटर में उनके खिलाफ कदाचार की अनेक शिकायतें मिलने के बाद झारखंड सरकार ने उसे पद से हटा दिया था।

इस ईमेल में कहा गया,’’पिछले छह महीने में भारतीय हॉकी की छवि खराब करने वाली कई मीडिया रिपोर्ट सामने आई हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, कदाचार और अनुशासनहीनता के कम से कम पांच मामले ऐसे हैं जो मीडिया सुर्खियों में रहे। इससे हॉकी इंडिया, भारतीय हॉकी, हमारे प्रायोजकों और हॉकी इंडिया लीग टीमों की छवि धूमिल हुई है।’’

ईमेल में आगे कहा गया ,’’ कई महिला अंपायरों ने निजी तौर पर इस तरह के मामलों की पुष्टि की है । कई बदले की कार्रवाई या निजता के हनन के कारण सामने नहीं आती । इससे पता चलता है कि समस्या कितनी गंभीर है ।’’ इसमें कहा गया ,’’ हॉकी इंडिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर खिलाड़ी, कोच और अधिकारी कदाचार के मामलों की निडर होकर सूचना दे ।इसलिये मैं कार्यकारी बोर्ड की बैठक तुरंत बुलाने का अनुरोध करता हूं।’’

टिर्की ने ईमेल में कहा ,’’ इसमें सभी मौजूदा और रिपोर्ट किये गए मामलों की समीक्षा की जायेगी। पॉश एक्ट पर अमल और ऐसे मामलों की सूचना देने की व्यवस्था को मजबूत बनाया जायेगा और शिकायत करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी ।’’ इसमें यह भी कहा गया ,’’ इसमें संलिप्त या इसकी उपेक्षा करने वाले व्यक्तियों या ईकाइयों की जवाबदेही तय होगी।’’

इसमें यह भी कहा गया कि यह अब व्यक्तिगत मामलों से ऊपर चला गया है और हॉकी इंडिया की विश्वसनीयता, संस्कृति और भविष्य को लेकर चिंता है । इसके लिये पारदर्शी तरीके से मिलकर हमारे खिलाड़ियों और खेल की गरिमा को बचाने के उपाय करने होंगे। हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड की एक सदस्य ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर भाषा को बताया ,’’ आज यह ईमेल आया है जो बहुत जरूरी था । इस तरह के बर्ताव पर अंकुश लगना ही चाहिये चूंकि पिछले एक साल में ऐसे कई मामले आये हैं ।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये जो खिलाड़ियों, अधिकारियों और अंपायरों को धमकाने से भी बाज नहीं आते।’’

इससे पहले पिछले साल जूनियर महिला टीम के एक कोच के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया। वहीं सीनियर महिला टीम के कोच हरेंद्र सिंह को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण इस्तीफा देना पड़ा था जिनकी कुछ खिलाड़ियों ने खेल मंत्रालय से शिकायत की थी। सूत्रों के अनुसार हॉकी इंडिया के एक निदेशक के खिलाफ भी पद के दुरूपयोग और धमकाने की काफी शिकायतें मिली हैं। कई महिला अंपायरों ने 2023 में उसके खिलाफ हॉकी इंडिया अधिकारियों से शिकायत की थी जिसके बाद अध्यक्ष ने उससे इस्तीफा ले लिया था। लेकिन हैरानी की बात है कि सितंबर 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद उसे फिर नियुक्त कर दिया गया और अभी भी उसी तरह की शिकायतें फिर मिल रही हैं।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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