13 June के खेल सुर्खियां की बात करें दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने इंडोनेशिया ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली हैं। महिला सिंगल्स कैटेगरी के पहले राउंड में सिंधु को इंडोनेशिया की ग्रिगोरिया मारिस्का तुंजुंग को लगातार गेम में मात देकर अगले राउंड में जगह बनाईं। वहीं, पुरुष सिंगल्स के पहले राउंड में भी सातवीं वरीयता प्राप्त एचएस प्रणय ने भी जीत के साथ आगाज किया। उन्होंने ने भी जापान के खिलाफ को लगातार गेम में मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, आर्थिक तंगी से जूझ रही पाकिस्तान हॉकी टीम को आर्थिक मदद मिली है। एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में शामिल होने से पहले पाकिस्तान हॉकी महासंघ को सरकार ने ढाई करोड़ रूपए आवंटित किए हैं। वहीं, भारत के महान ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी गुरबचन सिंह रंधावा ने मंगलवार को बढती उम्र के कारण भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की चयन समिति से इस्तीफा दे दिया।
सिंधु-प्रणय इंडोनेशिया ओपन के प्री क्वार्टर फाइनल में
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने मंगलवार को इंडोनेशिया ओपन विश्व टूर सुपर 1000 प्रतियोगिता के पहले दौर में स्थानीय दावेदार ग्रिगोरिया मारिस्का तुंजुंग के खिलाफ सीधे गेम में जीत दर्ज की। पिछली दो प्रतियोगिताओं के पहले दौर से बाहर होने वाली दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने इंडोनेशिया की विरोधी खिलाड़ी को 38 मिनट में 21-19 21-15 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सिंधु की ग्रिगोरिया के खिलाफ पिछले तीन मैच में यह पहली जीत है। उन्हें इंडोनेशिया की इस खिलाड़ी के खिलाफ इसी साल मैड्रिड मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स में हार का सामना करना पड़ा था। फॉर्म में चल रहे एचएस प्रणय भी जापान के केंटा निशिमोटो को 50 मिनट में सीधे गेम में 21-16 21-14 से हराकर अगले दौर में प्रवेश करने में सफल रहे। पिछले महीने मलेशिया मास्टर्स सुपर 300 का खिताब जीतने वाले सातवें वरीय भारतीय प्रणय अगले दौर में हांगकांग के एनजी का लोंग एंगस से भिड़ेंगे।
चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले पाक हॉकी टीम को मिली मदद
चेन्नई में अगस्त में होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करते हुए पाकिस्तान हॉकी महासंघ को सरकार ने ढाई करोड़ रूपये आवंटित किए हैं। पाकिस्तान खेल बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ओमान में एशियाई जूनियर कप में राष्ट्रीय जूनियर टीम के अच्छे प्रदर्शन के बाद अंतर प्रांत समन्वय मंत्री अहसान मजारी ने इस सहायता को मंजूरी दी। अधिकारी ने कहा, ‘इस धनराशि से जूनियर टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों को दैनिक भत्ते और एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भागीदारी का खर्च दिया जाएगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी टीम के डच कोच सीगफ्राइड एकमैन की तनख्वाह भी जल्दी ही दी जाएगी। एकमैन महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण टीम को छोड़कर स्वदेश लौट गए हैं। पीएसबी और पीएचएफ के बीच चुनाव और संवैधानिक मसलों पर मतभेद होने के कारण सरकार की ओर से आर्थिक सहायता बंद हो गई थी । अब मसला सुलझने के कारण धनराशि आवंटित की गई है।
मीराबाई और बिंदियारानी अमेरिका में करेंगी प्रैक्टिस
खेल मंत्रालय ने टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना में शामिल भारोत्तोलक मीराबाई चानू और बिंदियारानी देवी को एशियाई खेलों की तैयारी के लिये अमेरिका में अभ्यास को मंजूरी दे दी। हाल ही में मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) की बैठक के दौरान यह मंजूरी दी गई। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई और राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेता बिंदियारानी सेंट लुईस स्थित स्कवाट यूनिवर्सिटी में डॉक्टर आरोन होर्सचिग के साथ अभ्यास करेंगी। इनके साथ कोच विजय कुमार और फिजियो तसनीम जायद भी जायेंगे । इनके हवाई किराये, रहने और खाने, चिकित्सा बीमा, स्थानीय परिवहन, जिम और डॉक्टर का खर्च सरकार वहन करेगी।
बारिश में खुली बस में परेड के साथ सिटी ने मनाया जश्न
बारिश और शैंपेन में भीगते हुए मैनचेस्टर सिटी के खिलाड़ियों ने हजारों प्रशंसकों के बीच खुली बस में शहर की परेड के साथ चैम्पियंस लीग फुटबॉल खिताब जीतने का जश्न मनाया। परेड की शुरूआत में खराब मौसम और बारिश के कारण विलंब हुआ लेकिन प्रीमियर लीग, एफए कप और चैम्पियंस लीग खिताबों से लैस दो नीली बसें शहर की सड़कों पर घूमती रही जिसमें खिलाड़ी, सिगार पीजे मैनेजर पेप गार्डियोला बैठे थे। उनकी टीशर्ट पर लिखा था,‘ट्रेबल विनर्स।’ गार्डियोला ने कहा,‘इस बारिश में ही यह परेड होनी थी वरना यह मैनचेस्टर नहीं है। हमें धूप नहीं , बारिश चाहिए थी और यह परफेक्ट है।’ सिटी ने इंटर मिलान को 1-0 से हराकर चैम्पियंस लीग फाइनल जीता।
रंधावा ने 18 साल बाद एएफआई चयन समिति से दिया इस्तीफा
भारत के महान ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी गुरबचन सिंह रंधावा ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने बढती उम्र के कारण भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की चयन समिति से इस्तीफा दे दिया है। एशियाई खेल 1962 में डेकाथलन में स्वर्ण पदक जीतने वाले 84 वर्ष के रंधावा 1964 ओलंपिक में 110 मीटर बाधा दौड़ में पांचवें स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा कि बढती उम्र के कारण वह अपनी जिम्मेदारी शत प्रतिशत नहीं निभा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैने 18 साल जिम्मेदारी निभाने के बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की चयन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह किसी युवा को जिम्मेदारी सौंपने का सही समय है, क्योंकि भारतीय एथलेटिक्स का यह रोमांचक दौर है।’
(भाषा इनपुट के साथ)
