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Wimbledon 2026: चार साल बाद वापसी कर रहीं महान सेरेना विलियम्स को माया जॉइंट ने हराया, जीत के बाद कहा- मुझे नहीं पता क्या हुआ

Wimbledon 2026, Maya Joint Beats Serena Williams: टेनिस इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक सेरेना विलियम्स ने कोर्ट पर चार साल के लंबे अंतराल के बाद विंबलडन 2026 में वापसी की, लेकिन उनके फैंस का दिल टूट गया जब ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने विलियम्स को चौंकाते हुए एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मैच के बाद माया ने एक भावुक बयान भी दिया।

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माया जॉइंट ने सेरेना विलियम्स को विंबलडन 2026 में शिक्सत दी

Photo : AP

Wimbledon 2026, Serena Williams vs Maya Joint: चार साल के लंबे ब्रेक के बाद विंबलडन में वापसी कर रहीं सेरेना विलियम्स को सेंटर कोर्ट पर हुए एक ज़बरदस्त मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट से हार का सामना करना पड़ा। 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन, जिन्होंने हाल ही में 44 साल की उम्र में वापसी की घोषणा की थी, ने 20 साल की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के ख़िलाफ़ शानदार खेल दिखाया और दूसरे सेट में एक मैच पॉइंट बचाकर मुक़ाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचाया। आख़िरकार उनकी ऊर्जा कम पड़ गई और उन्हें 6-3, 6-7 (6-8), 6-3 से हार का सामना करना पड़ा।

माया जॉइंट ने कोर्ट पर दिए इंटरव्यू में कहा, "मुझे सच में नहीं पता कि क्या कहूं! सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि अभी क्या हुआ। कल रात मैं ठीक से सो भी नहीं पाई थी। मैं रात के 2 बजे तक इसी बारे में सोचती रही। वार्म-अप के दौरान मेरे पैर ठीक से नहीं चल रहे थे। मुझे सच में नहीं पता कि मैच में मुझे इतनी अच्छी शुरुआत कैसे मिली।"

उन्होंने आगे कहा, "उनका (सेरेना) व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली है, वह एक लेजेंड हैं। मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी, इसलिए यह बहुत ही अद्भुत है। शुरुआत बहुत घबराहट भरी थी और मैच को जीत के साथ खत्म करना भी मुश्किल था।"

वहीं, विंबलडन में अपने ख़िताब का बचाव करते हुए सेंटर कोर्ट पर पहले दौर के उतार-चढ़ाव भरे मुक़ाबले से गुज़रने के बाद, तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक कुछ मिनटों तक कोर्ट के किनारे तौलिए में अपना सिर छिपाए बैठी रहीं।

टेलर टाउनसेंड के ख़िलाफ़ दो घंटे और दो मिनट तक चले मुक़ाबले में उनकी 6-1, 2-6, 6-3 से जीत शारीरिक और भावनात्मक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण रही।

स्वियातेक ने कोर्ट पर दिए इंटरव्यू में बताया, "पिछले कुछ हफ़्ते मुश्किल भरे रहे, यह ऐसा सीज़न नहीं था जिसमें सब कुछ मेरी मर्ज़ी से हुआ हो। मुझे नहीं लगता कि मैंने इस साल कोई तीन-सेट वाला मैच जीता है, इसलिए मुझे खुशी है कि मैं यहां ऐसा कर पाई, क्योंकि ज़ाहिर है कि डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर कोर्ट पर उतरना बहुत मायने रखता है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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