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Parveen Hooda: महिला बॉक्सिंग में एक पदक पक्का, परवीन हुड्डा ने 65kg के फाइनल में बनाई जगह

परवीन हुड्डा ने सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर आइची-नागोया एशियन गेम्स के महिलाओं के 65kg फाइनल में जगह बनाई। परवीन का सामना शुक्रवार को चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। यहां वह या तो गोल्ड या फिर सिल्वर मेडल जीतेंगी।

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परवीन हुड्डा ने फाइनल में जगह बनाकर मेडल किया पक्का। फोटो- स्क्रीन ग्रैब

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के महिला बॉक्सिंग में भारत के लिए एक और पदक पक्का हो गया है। परवीन हुड्डा ने सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर आइची-नागोया एशियन गेम्स के महिलाओं के 65kg फाइनल में जगह बनाई। दोनों बॉक्सर्स का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पहले ही पक्का हो चुका था, लेकिन भारतीय बॉक्सर की जीत ने उनके पोडियम फिनिश को पक्का बना दिया है। परवीन का सामना शुक्रवार को चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। यहां वह या तो गोल्ड या फिर सिल्वर मेडल जीतेंगी।

15 अप्रैल 2000 को रोहतक, हरियाणा (भारत) में जन्मी परवीन हुड्डा ने अटूट संकल्प, बेहतरीन तकनीक और इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारत की प्रमुख महिला मुक्केबाजों में अपनी जगह बनाई है। भारत के सबसे मजबूत बॉक्सिंग इलाकों में से एक में पली-बढ़ीं परवीन ने कम उम्र से ही अपनी स्किल्स को निखारा और भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम की रेगुलर सदस्य बनने से पहले नेशनल लेवल पर लगातार तरक्की की।

वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल

63 किग्रा कैटेगरी में खेलने वाली परवीन अपने शानदार फुटवर्क, टैक्टिकल समझ और दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की काबिलियत के लिए जानी जाती हैं। परवीन ने 2022 IBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और उसके बाद 2022 IBA महिला एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप जैसे बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स में लगातार भारत का प्रतिनिधित्व किया है और वह नेशनल टीम की एक अहम सदस्य बनी हुई हैं।

उपलब्धियां-

  • 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल, गोल्ड
  • 2022 ASBC एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप- गोल्ड
  • 2022 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप- ब्रॉन्ज

भारत ने जीते हैं 46 मेडल

भारत ने अभी तक एशियन गेम्स में कुल 46 मेडल जीत लिए हैं। इसमें 4 गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारतीय एथलीट बचे हुए दिनों में कुछ और मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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