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Paris Olympics 2024: जर्मनी के खिलाफ हार को नहीं भूले हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत, 15 दिन बाद फिर छलका दर्द

Harmanpreet Singh: भारतीय हॉकी टीम भले ही पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीत गई हो लेकिन टीम के कप्तान और देशवासियों को अभी भी जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में मिली हार का मलाल है। भारत अगर वो मैच जीत जाती तो सिल्वर मेडल पक्का था।

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हरमनप्रीत सिंह (फोटो- AP)

Harmanpreet Singh: भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बुधवार को कहा कि कई मौके बनाने के बावजूद पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल में जर्मनी से हारना दुर्भाग्यपूर्ण रहा लेकिन इसके साथ ही उन्होंने लगातार दूसरा कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन को बड़ी उपलब्धि करार दिया।

भारत ने पेरिस में स्पेन को हराकर कांस्य पदक जीता और इस तरह से तोक्यो ओलंपिक खेलों का प्रदर्शन दोहराया। इससे पहले सेमीफाइनल में उसे मौजूदा विश्व चैंपियन जर्मनी से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था।भारतीय टीम का बुधवार को यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया और ओडिशा सरकार ने उसे सम्मानित किया।

हमनें कई मौके गंवाए- हरमनप्रीत

हरमनप्रीत ने इस अवसर पर पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘जर्मनी के खिलाफ मैच बेहद करीबी था। हमने कई मौके बनाए लेकिन उस दिन भाग्य हमारे साथ नहीं था और कुछ अवसरों पर हम चूक गए।उन्होंने कहा कि -'लेकिन मुझे लगता है कि कांस्य पदक जीतना भी बहुत महत्वपूर्ण था। यह टूर्नामेंट मैं हमारा आखिरी मैच था और मैच जीतने के बाद बहुत खुशी महसूस हो रही है। हमारी कोशिश थी कि हम अपना सपना (स्वर्ण जीतने का) पूरा करें लेकिन किसी तरह से किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया।'हरमनप्रीत ने कहा,‘‘हमारे पास कांस्य पदक जीतने का मौका था और हम जीत के लक्ष्य के साथ ही मैदान पर उतरे। हमने लगातार दो पदक जीते हैं और यह बड़ी उपलब्धि है।'

हरमनप्रीत सिंह ने ओडिशा सरकार का जताया आभार

भारतीय कप्तान ओडिशा में मिले स्वागत और सम्मान से बेहद खुश थे।उन्होंने कहा कि 'हमें हर तरफ से प्यार और सम्मान मिल रहा है। जब भी टीम यहां आती है, चाहे वह किसी टूर्नामेंट में खेलने के लिए हो या पदक जीतने के बाद, हमेशा अच्छा लगता है... हमें यहां बहुत सम्मान मिलता है।'

(भाषा)

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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