इस्लामाबाद: पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नए ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले अरशद नदीम को पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़ नागरिक पुरस्कार हिलाल-ए-इम्तियाज से नवाजा जाएगा। इसका ऐलान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने किया है। अरशद ओलंपिक खेलों के इतिहास में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। ऐसे में उनकी इस उपलब्धि पर चार चांद लगाने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि एक विशेष समारोह में अरशद नदीम को खेल के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए हिलाल ए इम्तियाज से नवाज़ा जाएगा। राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 259(2) के तहत नदीम को नागरिक पुरस्कार प्रदान करेंगे, जो राष्ट्रपति को विभिन्न क्षेत्रों में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए नागरिकों को सम्मानित करने का अनुमति देता है।
हिलाल-ए-इम्तियाज पाकिस्तान में उन व्यक्तियों को मान्यता देता है जिन्होंने पाकिस्तान की सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों,विश्व शान्ति, सांस्कृतिक या अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रयासों में विशेष रूप से सराहनीय योगदान दिया हो। यह एक नागरिक पुरस्कार है। ये पुरस्कार व्यक्ति को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। जिससे देश को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो।
92.97 मीटर दूर फेंका भाला
अरशद नदीम ने अप्रत्याशित रूप से 92.97 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडल विनर भारत के नीरज चोपड़ा 89.45 मीटर दूर भाला फेंककर सिल्वर मेडल अपने नाम कर सके। अरशद ने साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में बना ओलंपिक रिकॉर्ड तकरीबन ढाई मीटर के अंतर से तोड़कर नया रिकॉर्ड कायम किया।
40 साल बाद ओलंपिक में बजा पाकिस्तान का राष्ट्रगान
अरशद नदीम ने पाकिस्तान को ओलंपिक खेलों में चौथा गोल्ड और तीसरा व्यक्तिगत पदक दिलाया। अरशद का पदक ओलंपिक खेलों में पाकिस्तान की झोली में आया 11वां पदक है। इससे पहले पाकिस्तान ने हॉकी में 8 मेडल (3 गोल्ड, 2 कांस्य और तीन सिल्वर) अपने नाम किए थे। इसके अलावा बॉक्सिंग और कुश्ती में एक-एक कांस्य पदक जीता था। पाकिस्तान के लिए कुश्ती में कांस्य पदक 1960 में रोम ओलंपिक में मोहम्मद बशीर ने और बॉक्सिंग में कांस्य पदक साल 1988 में हुसैन शाह ने सियोल में जीता था। 36 साल बाद पाकिस्तान का कोई प्लेयर ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने में सफल हुआ है। 40 साल लंबे अंतराल के बाद पाकिस्तान का राष्ट्रगान ओलंपिक खेलों में मेडल सेरेमनी के दौरान बजा।
