अक्सर क्रिकेट में और अन्य खेलों में भारत और पाकिस्तान की तुलना की जाती है, लेकिन सच बात यह है कि भारत के सामने पाकिस्तान कहीं नहीं ठहरता है। यूं कहें कि पाकिस्तान के साथ तुलना करना भी बेईमानी हो गई है। हाल ही में सूर्यकुमार यादव भी इसकी पुष्टी कर चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच कोई राइवलरी नहीं रह गई है। बात क्रिकेट की ही नहीं बल्कि किसी भी मोर्चे पर किसी भी प्रकार की तुलना सही नहीं है।
नया मामला कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देखने को मिला जहां भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रोंज मेडल सहित 39 मेडल अपने नाम किए वहीं पाकिस्तान केवल एक मेडल के साथ स्वदेश लौटा। हालांकि, पाकिस्तान का दल छोटा था, लेकिन बात मेडल की नहीं हो रही है। पाकिस्तानी एथलीट ने ग्लासगो में जो हरकत की वो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बात का पता पूरी दुनिया को चलता भी नहीं, लेकिन पाकिस्तानी बॉक्सिंग संघ ने खुद अपने बॉक्सरों की पोल खोल दी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया। दरअसल पाकिस्तान का एक मुक्केबाज कुदरातुल्लाह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से चंपत हो गया, जिसके बाद यह बवाल शुरू हुआ है। बॉक्सिंग संघ को ना उनके भाग जाने का कारण पता है और ना हीं ये पता है कि अब वो कहां हैं।
यह पहली बार नहीं है जब पीबीएफ गलत कारणों से सुर्खियों में आया हो। पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान मुक्केबाजों के विदेश से भागने की कई घटनायें सामने आई हैं। पाकिस्तान ओलंपिक संघ के करीबी सूत्र ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भारवर्ग में भाग लेने के बाद कुदरातुल्लाह टीम होटल से गायब हो गया। सूत्र ने कहा ,‘‘ रोचक बात तो यह है कि पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास होने के बावजूद वह गायब हो गया।’’ राष्ट्रमंडल खेल 2022 के दौरान पाकिस्तान के दो मुक्केबाज सुलेमान बलोच और नजीरूल्लाह खान बर्मिघम में गायब हो गए थे जबकि पासपोर्ट दल प्रमुख के पास थे ।
विश्व ओलंपिक क्वालीफायर 2024 में एशियाई स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज जोहेब रशीद ने अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और मूल्यवान सामान चुरा लिया था और गायब हो गया था। पाकिस्तान का 36 सदस्यीय दल ग्लास्गो से सिर्फ एक कांस्य पदक लेकर लौटा जो महिला मुक्केबाज फातिमा जेहरा को मिला।
