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लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए NARI ने किया चयन के फॉर्मूले का ऐलान

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने साल 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए निशानेबाजों के चयन का फॉर्मूला घोषित कर दिया है। मामूली बदलाव के साथ पेरिस ओलंपिक वाले फॉर्मूले को एलए ओलंपिक के लिए लागू किया जाएगा।

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मनु भाकर (फोटो क्रेडिट Manu Bhakar X)

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने रविवार को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए निशानेबाजों के चयन का मानदंड घोषित कर दिया जिसमें 2024 पेरिस ओलंपिक में अपनाए गए ओलंपिक चयन ट्रायल (ओएसटी) के प्रारूप को बरकरार रखा है। पिस्टल और राइफल स्पर्धाओं के लिए नए नियम दोहा में शुरू हुई आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप से लागू हो गए हैं।

पिछले ओलंपिक चक्र जैसी होगी चयन प्रक्रिया

एनआरएआई के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि चयन प्रक्रिया मोटे तौर पर पिछले ओलंपिक चक्र जैसी ही होगी, हालांकि इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। खिलाड़ियों का चयन उनके अंतिम औसत स्कोर (एफएएस) और कोटा बोनस अंकों के आधार पर होगा। एफएएस की गणना चार चयन ट्रायल में से तीन सर्वश्रेष्ठ स्कोर के औसत से की जाएगी। खिलाड़ियों के लिए कम से कम तीन ट्रायल में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। ट्रायल अधूरा छोड़ने वाले खिलाड़ी का हटने के समय तक का स्कोर ही मान्य होगा।

ओलंपिक कोटा हासिल करने से नहीं सुरक्षित होगी जगह

पेरिस ओलंपिक की तरह इस बार भी कोटा हासिल करने से खिलाड़ी की टीम में जगह सुनिश्चित नहीं होगी। एनआरएआई ने स्पष्ट किया है कि ओलंपिक कोटा खिलाड़ी के बजाय देश और संघ का होता है। कोटा हासिल करने वाले निशानेबाज को चयन में उचित महत्व मिलेगा, लेकिन उसे अन्य योग्य खिलाड़ियों के साथ ट्रायल में हिस्सा लेना होगा।

चयन प्रक्रिया में भी सामने आ चुके हैं विवाद

चयन प्रक्रिया में पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। पेरिस ओलंपिक के लिए पूर्व विश्व चैंपियन रुद्राक्ष पाटिल को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चयन ट्रायल में शीर्ष पर रहे संदीप सिंह के हाथों टीम में जगह गंवानी पड़ी थी। संदीप पेरिस में 12वें स्थान पर रहे थे। एनआरएआई ने अपने बयान में कहा,'पात्र खिलाड़ियों को चयन के लिए विचार किए जाने हेतु चार में से कम से कम तीन ओलंपिक चयन ट्रायल में हिस्सा लेना होगा। एफएएस की गणना केवल उन्हीं खिलाड़ियों के लिए की जाएगी, जिनके कम से कम तीन ट्रायल के स्कोर उपलब्ध होंगे।'

देश का होता है ओलंपिक कोटा

उन्होंने कहा,'एनआरएआई के मौजूदा मानदंडों के तहत किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा हासिल किया गया ओलंपिक कोटा एनआरएआई और देश का होता है। कोटा हासिल करने वाले खिलाड़ी को चयन प्रक्रिया में उचित महत्व दिया जाएगा, लेकिन केवल कोटा जीतने से यह सुनिश्चित नहीं होता कि वह 2028 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। कोटा हासिल करने वाले खिलाड़ियों को अन्य योग्य निशानेबाजों के साथ निर्धारित चयन मानदंडों के अनुसार ट्रायल में हिस्सा लेना होगा।'

एशियाई खेलों में खराब रहा था निशानेबाजों की प्रदर्शन

निशानेबाजों को एक नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2028 के बीच संबंधित स्पर्धा में कम से कम दो आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप या कोटा उपलब्ध कराने वाली एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेना होगा। गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में आइची-नागोया एशियाई खेलों में केवल तीन स्वर्ण पदक जीते, जबकि 2023 के हांगझोउ खेलों में उसे सात स्वर्ण पदक मिले थे।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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