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दिल्ली में 20 रुपये का नकली सिक्का बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड को दबोचा

20 Rupee Fake Coins: क्राइम ब्रांच को 8 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि पारस जैन नाम का व्यक्ति मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास सफेद टोयोटा इटियॉस कार से नकली सिक्कों की खेप लेकर आने वाला है।

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नकली सिक्कों का जखीरा (फोटो साभार- TNN)

20 Rupee Fake Coins: राजधानी में 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक कार से करीब एक लाख रुपये की कीमत के नकली सिक्के बरामद किए गए हैं।

कार से 5000 नकली सिक्के बरामद

क्राइम ब्रांच को 8 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि पारस जैन नाम का व्यक्ति मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास सफेद टोयोटा इटियॉस कार से नकली सिक्कों की खेप लेकर आने वाला है। सूचना पर इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम ने घेराबंदी कर HR-26-EW-3688 नंबर की कार को रोका। तलाशी में पिछली सीट पर रखे काले लैपटॉप बैग और बोरियों में 50 पैकेट मिले। हर पैकेट में 100 सिक्के थे। कुल 5,000 नकली सिक्के मिले, जिनकी कीमत 1 लाख रुपये है।

मौके से 45 साल के पारस जैन को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से iPhone 12 Mini भी जब्त किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह ये सिक्के उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह से लाता था। 1 लाख के सिक्कों की खेप उसे 70 हजार में मिलती थी, जिसे वह बाजार में खपाता था। यह खेप उसे 7 सितंबर को मिली थी।

मुख्य सप्लायर भी पकड़ा गया

पारस की निशानदेही पर पुलिस मुख्य सप्लायर उपकार लूथरा तक पहुंची। पता चला कि वह सोनीपत में फैक्ट्री चला रहा था और पुलिस कार्रवाई के डर से उसे सहारनपुर शिफ्ट कर रहा था। इसी दौरान सहारनपुर पुलिस की SOG टीम ने उसे उसके साथियों अनुराग पाल उर्फ लंकेश, जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष, कुलदीप और हिमांशु उर्फ गुल्लू के साथ पकड़ लिया। दिल्ली क्राइम ब्रांच प्रोडक्शन वारंट पर उपकार, अनुराग और जनार्दन को सहारनपुर जेल से दिल्ली लाई। जांच में तीनों की भूमिका मिलने पर उन्हें इस केस में गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह कुल चार आरोपी पकड़े गए।

पहले से हैं कई केस दर्ज

मुख्य आरोपी उपकार लूथरा पर दिल्ली, हरियाणा और बिहार में नकली सिक्के और अन्य अपराधों के कई केस दर्ज हैं। पारस जैन पर भी हत्या, लूट और धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने कार, फोन और सिक्के जब्त कर लिए हैं। चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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