Jaspal Rana: दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले, जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को देहरादून से विशेष विमान द्वारा वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर लाया गया। यहां हवाई अड्डे के एयर कार्गो परिसर में उनके पार्थिव शरीर को रखा गया,जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सलामी दी गई।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में परिजनों, शुभचिंतकों और समर्थकों के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र विधायक पंकज सिंह, भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरी एवं अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
हवाई अड्डे से उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस के जरिए राजघाट लाया गया, जहां से एंबुलेंस कोर्ट के माध्यम से शव को मणिकर्णिका घाट पहुंचाया गया। जसपाल राणा के परिजनों ने बताया कि उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाए।इसलिए देहरादून से उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लाकर अंत्येष्टि की गयी।
वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राइफल (एनआरएआई) ने दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के निधन पर शुक्रवार को शोक व्यक्त किया था। एनआरएआई ने कहा था कि जसपाल राणा जैसा दूसरा कोई नहीं होगा। एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने बयान में कहा कि उनके निधन से निशानेबाजी जगत सदमे में है और हमें अब भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा है क्योंकि हमें यही बताया गया था कि सर्जरी के बाद वह ठीक हो रहे हैं।
गौरतलब है कि राणा का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। वह 49 वर्ष के थे। वे मूलत: उत्तराखंड के रहने वाले थे। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले राणा को अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान एशियाई खेलों में चार स्वर्ण पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में नौ स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्त की संवेदना
इससे पहले, शुक्रवार देर रात तक बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर जमा रहे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राणा के परिवार से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की और इस निशानेबाज के निधन को राज्य और देश दोनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया। धामी ने कहा कि राणा की उपलब्धियां और उनका जज्बा युवाओं को प्रेरित करता रहेगा। राणा के अंतिम दर्शन करने के लिए कई जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और खेल जगत से जुड़े लोग उनके आवास पर पहुंचे।
